सैफई। मेडिकल कॉलेज से लौटते समय ही बालक ने दम तोड़ दिया था। वीडियो वायरल होने के बाद अमर उजाला की टीम से बात करते हुए पिता ने बताया कि 21 दिन पहले कुत्ते ने बेटे को काट लिया था। डर की वजह से उसने घर में किसी को नहीं बताया। शुक्रवार को उसकी हालत बिगड़ने पर सैफई मेडिकल कॉलेज ले गए थे।
सिविल लाइन थाना क्षेत्र के विचारपुरा निवासी कृपाल सिंह ने बताया कि वह गाजियाबाद में रहकर मजदूरी करता है। उसके साथ पत्नी और बच्चे भी रहते हैं। 21 दिन पहले गाजियाबाद में ही उसके आठ वर्षीय बेटे नैतिक को कुत्ते ने काट लिया था। बेटे ने डर की वजह से घर पर नहीं बताया। गुरुवार को नैतिक की थोड़ी हालत खराब लगी तो सोचा गांव घुमा लाएं। गुरुवार को रात में ही हम लोग घर आए थे।
रविवार को कृपाल सिंह ने अमर उजाला की टीम से बताया कि शुक्रवार दोपहर बेटे की हालत बिगड़ गई थी। पूछने पर उसने कुत्ते काटने की बात बताई। इसी बीच उसके मुंह से झाग आने लगा। इस पर उसे इलाज के लिए सैफई मेडिकल कॉलेज में ले गए, जहां ओपीडी की पुरानी बिल्डिंग पांच नंबर फ्लोर पर डॉक्टर ने इलाज करने से मना कर टरका दिया था।
कहा कि वह काफी देर तक बच्चे को लेकर वहीं बैठा रहा, लेकिन इलाज नहीं मिला। इस पर उसे घर लाने लगा था। इस बीच रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। बताया कि उसके तीन बच्चे हैं। इसमें यह दूसरे नंबर का था। चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर एसपी सिंह ने बताया कि प्रचलित वीडियो के माध्यम से जानकारी मिली है। लापरवाही करने वाले डॉक्टर के खिलाफ जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉक्टर प्रभात सिंह ने बताया कि वह किसी निजी काम से बाहर आए हुए हैं। उनके संज्ञान में मामला नहीं आया है, अगर भर्ती के दौरान किसी ने लापरवाही की है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
