इटावा। शहर की आधी आबादी को राहत देने के लिए बनवाए जा रहे रामनगर फ्लाईओवर की रफ्तार में बिजली विभाग रोड़ा बन रहा है। सेतु निगम के अनुसार, 33 केवी की लाइन शिफ्ट न हो पाने की वजह से काम प्रभावित हो रहा है।
दिल्ली हावड़ा रूट पर बने फाटक संख्या 28 बी रामनगर क्रासिंग पर लंबे समय से लोग जाम की समस्या से जूझ रहे थे। क्रॉसिंग पर पुल बनवाने की लंबे समय से मांग चल रही थी। सांसद और विधायक की पैरवी के बाद इस पुल को सरकारी की ओर से स्वीकृति दे दी गई थी। इसके 73 करोड़ 60 लाख का बजट देने के साथ ही 15 जून को भूमि पूजन के बाद निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया था। सांसद प्रो. रामशंकर कठेरिया ने सवा साल में पुल का निर्माण कार्य पूरा कराने का विश्वास दिलाया था। सेतु निगम, बिजली विभाग समेत सभी विभागों को समय से अपने-अपने काम पूरा करने की हिदायत दी थी।
इसके तहत सेतु निगम ने तो अपनी रफ्तार बढ़ाकर लगभग तीन माह में 33 प्रतिशत काम पूरा कर लिया है। हालांकि निर्माण कार्य में बिजली विभाग की ओर से शिफ्टिंग का काम पूरा न हो पाने की वजह से काम प्रभावित रहा है। 33 केवी की एक लाइन बीच में आने से 27 में दो पिलरों का काम शुरू ही नहीं हो पा रहा है। वहीं इस लाइन की वजह से आरई वॉल का भी निर्माण होने में दिक्कत हो रही है। करीब 130 मीटर की आरई वॉल का निर्माण कार्य शुरू होने को फंसा है। सेतु निगम का दावा है कि यदि बिजली विभाग की लाइन समय से शिफ्ट हो गई होती तो अभी लगभग 38 से 40 प्रतिशत काम हो जाता। हालांकि बिजली विभाग के अधिकारियों का दावा है कि सेतु निगम की ओर से प्लानिंग कमजोर होने की वजह से परेशानी आ रही है। एक लाइन को कई-कई बार शिफ्ट करना पड़ रहा है।
सीडीओ ने बिजली विभाग को तेजी से काम कराने के दिए निर्देश
तीन दिन पहले सीडीओ प्रणता ऐश्वर्या ने रामनगर फाटक पर चल रहे ओवरब्रिज के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया था। इस दौरान 33 प्रतिशत काम पूरा होने की बात बताई गई थी। सेतु निगम की ओर बिजली विभाग की लाइन शिफ्ट न होने पर काम प्रभावित होने की बात कही गई थी। इस पर सीडीओ ने बिजली विभाग के अधिकारियों को समय से पूरा काम कराने के निर्देश दिए थे। काम में लापरवाही न बरतने की भी हिदायत दी गई थी।
वर्जन
33 केवी की एक लाइन बीच में आ रही है। इसे हटाने के विभाग से बता की गई है। लाइन हटने के बाद ही दो पिलरों और 130 मीटर आरई वॉल का निर्माण कराया जा सकेगा। -पंचम सिंह, एई सेतु निगम।
निर्माण इकाइयों की योजना स्पष्ट न होने की वजह से तारों को कई बार इधर-उधर करना पड़ रहा है। 33 केवी की लाइन को शिफ्ट कहां कराया जाए इसे लेकर संबंधित अधिकारियों से बात की जा रही है। जल्द ही लाइन को शिफ्ट करा दिया जाएगाा। -श्री प्रकाश, एक्सईएन बिजली विभाग
