बकेवर। लखना कस्बे में निर्माणाधीन स्वतंत्रता संग्राम सेनानी गेट भरभराकर ढह गया। गेट के पास से गुजर रहे लोग हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गए। रविवार से नवरात्र होने के कारण गेट के ऊपर की स्लैब की शटरिंग खोलते समय स्लैब गिरी। ईओ ने गेट गिरने के मामले की जांच कर कार्रवाई करने की बात कही है।
नगर पंचायत लखना कस्बे के शुरू में ही मंदिर को जाने वाले मुख्य मार्ग पर करीब 12 लाख रुपये की लागत से नगर के स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृति में उनके नाम लिखाने के लिए गेट का निर्माण करा रहा है। गेट का निर्माण ठेकेदार अवनीश राठी करा रहे हैं। गेट का 75 फीसदी कार्य पूर्ण हो चुका था। रविवार से नवरात्र शुरू होने के कारण आने वाले श्रद्धालुओं के कारण शनिवार को दो बजे के करीब गेट का लेंटर खोला जा रहा था, तभी गेट भरभरा कर ढह गया और ऊपरी स्लैब झूल गयी।
शनिवार होने के चलते कालका देवी मंदिर पर आने वाले श्रद्धालुओं की भी भीड़ थी जो गेट के पास से गुजर रहे थे। वह दुर्घटना का शिकार होने से बाल-बाल बच गए। नगर पंचायत के सभासद शिवकुमार सिंह चौहान व प्रताप सिंह पाल ने बताया कि गेट निर्माण में गुणवत्ता पूर्ण सामग्री का प्रयोग न होने और समय से पहले लेंटर खोले जाने पर निर्माणाधीन गेट ढह गया। व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष संतोष चौहान ने नगर पंचायत प्रशासन पर आरोप लगाया कि गेट के घटिया सामग्री का प्रयोग किया और निर्माण से पहले ही गेट के पिलर में दरारें आ गईं। जिसके चलते गेट ढह गया।
चेयरमैन लखना गणेश शंकर पोरवाल ने बताया कि गेट किन कारणों से ढह गया इसकी समीक्षा कराने के बाद गेट का पुनर्निर्माण कराया जाएगा। नगर पंचायत के जेई राजेश दीक्षित ने बताया कि लेंटर के पकने के लिए 21 दिन का समय चाहिए था, जबकि अभी 11 दिन ही हुए थे। नवरात्र के कारण लेंटर की शटरिंग खोलने से गेट गिर गया। लखना नगर पंचायत के ईओ संजय पटेल ने बताया कि गेट के गिरने के मामले में जांच कराई जाएगी। जांच के बाद संबंधित ठेकेदार के खिलाफ उचित कार्रवाई होगी। रविवार से नवरात्र शुरू हो रहे हैं। कालका देवी मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी न हो इसलिए गेट के मलबा साफ करा दिया गया है।
