इटावा। जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग ने शहर के निजी अस्पतालों के खिलाफ शिकंजा कसना शुरु कर दिया है। कई दिन से निजी अस्पतालों के कागजात और डॉक्टरों की उपस्थिति है अथवा नहीं, इसे लेकर चेकिंग की जा रही है। सोमवार को चेकिंग में चार नर्सिंग होम में डॉक्टर नहीं मिले।
सोमवार को सिटी मजिस्ट्रेट अरुण गौंड व एसीएमओ डॉ.बीएल संजय ने आईटीआई चौराहा, पचावली व भरथना चौराहा सर्विस रोड पर स्थित सात निजी अस्पतालों को चेक किया। इस दौरान सूर्या, देव व समृद्धि अस्पताल में डॉक्टर मिले। जबकि आरोग्य, प्राइम, मां शारदा व मां भगवती अस्पताल में डॉक्टर नहीं मिले। एसीएमओ डॉ.बीएल संजय ने बताया कि जिलाधिकारी को जांच रिपोर्ट सिटी मजिस्ट्रेट सौंपेंगे। कहा कि प्रशासन के साथ मिलकर यह अभियान चलाया जाएगा।
दूसरी ओर अतिरिक्त मजिस्ट्रेट अभिषेक गोस्वामी व डिप्टी सीएमओ डॉ.श्री निवास ने सिविल लाइन ने पांच अस्पताल चेक किए। इस दौरान जयश्री कृष्णा, केकेएम, डीएमसी,आनंद किलीनिक, सर गंगाराम अस्पताल को चेक किया। डॉ.श्री निवास ने बताया कोई कमी नहीं मिली। कुल मिलाकर प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के इस चेकिंग अभियान से निजी अस्पताल संचालकों में हड़कंप व्याप्त है। अभियान निरंतर चलाया जाएगा, जो जिले भर में चलेगा। सिटी मजिस्ट्रेट व एससीएमओ ने शनिवार को नौ अस्पताल चेक किए थे, जिनमें छह में डॉक्टर नहीं मिले थे।
