इटावा। विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र अधिनियम पारुल श्रीवास्तव ने छह साल पुराने लूट के मामले की सुनवाई करते हुए एक आरोपी को दोषी पाया और उसे सात साल की सजा सुनाई। इसके अलावा कोर्ट ने उस पर 26 हजार रुपया का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना अदा नहीं करने पर उसे एक माह और जेल में रहना पड़ेगा।

विशेष लोक अभियोजक गौरव दीक्षित ने बताया कि बकेवर थाना क्षेत्र के गांव नगला हीरे निवासी ओम प्रकाश ने दर्ज कराई रिपोर्ट में आरोप लगाया कि 27 जून 2017 को अपने पुत्र बृजेश के साथ बाइक से स्टेट बैंक की भरथना शाखा से रुपये निकालने के लिए गया था। रुपये लेकर वह घर जा रहा था तभी मोढ़ी भट्टा के पास बाइक पर सवार दो बदमाशों ने झपट्टा मारकर रुपये से भरा थैला छीन लिया और भाग निकले। थैले में चार लाख रुपये थे। उन्होंने बदमाशों का पीछा किया लेकिन वह भाग चुके थे। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया। बाद में पुलिस ने एक मुठभेड़ के बाद तुलसीराम दोहरे, राकेश दोहरे, सुरेश दोहरे, अजय दोहरे, राजकुमार दोहरे, बब्लू कोरी, योगेश दोहरे व सतीश दोहरे को गिरफ्तार कर लिया। इसमें योगेश दोहरे की ओर से ओम प्रकाश के साथ लूट की वारदात में शामिल होने की बात स्वीकार की। बाद में सभी को जेल भेज दिया गया। पुलिस ने सभी के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में पेश कर दिए।

मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र अधिनियम की कोर्ट में हुई। विशेष लोक अभियोजक की ओर से पेश कए साक्ष्यों के आधार पर योगेश ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। इससे योगेश की पत्रावली अलग कर ली गई। कोर्ट ने उसे दोषी पाते हुए उसे अलग- अलग धाराओं में सात साल की सजा सुनाई। सभी सजाएं साथ साथ चलेंगीं। कोर्ट ने उस पर 26 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।



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