इटावा/निवाड़ीकला। रोशनी के पर्व दिवाली पर आतिशबाजी करने के दौरान छोटी-छोटी सावधानी बरत कर खुद को हादसों से बचाया जा सकता है। जलने या पटाखा हाथ में फटने की स्थिति में जल्द प्राथमिक चिकित्सा का उपाय कर खुद को सुरक्षित कर सकते हैं। दिवाली पर पहले से अलर्ट होकर तैयारी करने से होने वाले नुकसान से बचा जा सकता है।
दिवाली का पावन त्योहार ढ़ेरों खुशियां लेकर आया है। त्योहार के दिनों में हर कोई आतिशबाजी, नए कपडे़ और मनपसंद व्यंजन के साथ छुट्टियों का पूरा लुत्फ उठाना चाहेगा। इस जोश के साथ-साथ हमें कुछ खास एहतियात भी बरतनी चाहिए, जिससे कि हर साल होने वाली दुर्घटनाओं से बचा जा सकता है। अधिकतर दुर्घटनाएं लापरवाही और अज्ञानता की वजह से होती है।
ऐसे बरतें सावधानी
-चिगारियां छोड़ने वाले पटाखों के पास न जाएं।
– पटाखें जलाते समय जूते पहनें।
– जो पटाखा न फूटे उसपर पानी या मिट्टी डाल दें।
– छोटे बच्चों व बुजुर्गों का भी ख्याल रखें।
– पटाखे रखने के लिए अच्छी और सुरक्षित जगह चुने।
– पटाखे छोटे बच्चों की पहुंच से दूर रखें।
वर्जन
पटाखों से जलने के बाद शरीर पर स्याही या कॉलगेट का प्रयोग नहीं करना चाहिए। जलने पर चूड़ियां व अंगूठियां उतार देनी चाहिए, क्योंकि सूजन आने के बाद ये चीजें नहीं उतरती हैं। बताया कि आंख में पटाखा या धुआं चले जाने पर रगड़ना नहीं चाहिए, आंख को ताजे पानी से धोना चाहिए। हृदय रोगियों को ज्यादा आवाज वाले पटाखों से दूर रहना चाहिए, वहीं सांस की बीमारी वाले मरीजों को धुएं से परहेज करना चाहिए। -डाॅ. गौरव त्रिपाठी, चिकित्सा अधीक्षक सीएचसी महेवा।
