सैफई। क्षेत्र के लोग बुधवार को खुश नजर आए। उन्हें मंच पर मौजूद सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव में नेता जी नजर आए। लोगों का कहना था कि अखिलेश यादव में जमीनी जुड़ाव और सत्कार की भावना अधिक है। मंच पर मिले 50 बुजुर्गों के सम्मान से भी लोग उत्साहित थे।
लगभग साढ़े 11 बजे कार्यक्रम स्थल पर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के पहुंचते ही अखिलेश यादव जिंदाबाद, नेता जी अमर रहें के नारों से पंडाल गूंजने लगा। अखिलेश ने मंच पर उपस्थित सभी नेताओं और बुजुर्गों को नमस्कार करने के साथ ही जनता को भी हाथ हिलाकर उत्साहित किया। मंच पर पहली बार वरिष्ठ नेताओं के साथ वृद्ध नेताओं को भी स्थान दिया गया।
नेता जी के साथ रहे सभी बुजुर्ग नेताओं के पास जा जाकर अखिलेश यादव ने उन्हें शॉल ओढ़ाई। इससे मंच पर मौजूद लोगों के साथ ही कार्यक्रम स्थल पर मौजूद सैफईवासियों को नेता जी याद आ गए।
सैफई के प्रधान रामफल वाल्मीकि ने बताया कि आज राष्ट्रीय अध्यक्ष को देखकर नेता जी की याद आ गई। नेता जी हमेशा मंच पर बुजुर्गों को स्थान देते थे। हमारी हर खुशी और गम में आकर शामिल होते थे। ऐसा ही नजारा उनकी जयंती पर देखने को मिला है।
सैफई निवासी संतोश शाक्य ने बताया कि नेता जी हमेशा बुजुर्गों और युवाओं का हमेशा ध्यान रखते थे। अब अखिलेश भइया में भी वही नजर आ रहा है। जयंती पर उन्होंने बुजुर्गों के सम्मान के साथ ही युवाओं को मजबूती से लड़ने का संदेश दिया है।
जयंती कार्यक्रम में नहीं आए प्रतीक और अपर्णा
नेता जी के जयंती कार्यक्रम में उनके छोटे बेटे प्रतीक और बहू अपर्णा यादव नहीं दिखाई दीं। मुलायम सिंह यादव के निधन में ही दोनों अंतिम बार सैफई आए थे। इससे राजनीतिक गलियारों में चर्चा रही कि अपर्णा के अलग पार्टी में शामिल होने के बाद से कुछ दूरियां बनी हुई हैं। ऐसे में वह दोनों कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए।
