इटावा। सैफई आयुर्विज्ञान विवि से डॉक्टरी पढ़ने की इच्छा रखने वाले छात्र-छात्राओं के लिए खुशखबरी है। एमबीबीएस की 50 और पीजी की 23 सीटें बढ़ाई जाएंगी। इसके लिए विवि की कार्यपरिषद ने शासन को प्रस्ताव भेजा है।
प्रदेश के इकलौते उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विवि ग्रामीण एमबीबीएस और पीजी करने के इच्छुक छात्र-छात्राओं के लिए प्राथमिकता में शामिल होता है। अभी एमबीबीएस के लिए सिर्फ 150 सीटें और पीजी के अलग-अलग विभागों के लिए सिर्फ 12 ही सीटें हैं। ऐसे में नीट की काउंसलिंग में टॉप पर अंक पाने वाले छात्र-छात्रा ही इसमें दाखिला ले पाते हैं। कुछ अंकों से ही छात्रों के हाथों से इस विवि में दाखिला लेने का मौका चूक जाता है। यह देखते हुए लंबे समय से विवि में दाखिले के लिए सीटें बढ़ाई जाने की मांग चल रही थी।
यह देखते हुए विवि प्रशासन की ओर से कवायद शुरू कर दी गई है। बीते दिनों कार्य परिषद की बैठक में समिति के पदाधिकारियों की ओर से यह प्रस्ताव रखा गया। इसमें कहा कि 150 की जगह एमबीबीएस की 200 सीटों को मान्यता दी जाए। वहीं पीजी के लिए एनाटॉमी विभाग की आठ सीटें, पैथोलॉजी विभाग में 13 सीटें और रेस्परेटरी मेडिसिन विभाग में दो सीटें बढ़ाई जाने के प्रस्ताव पर मोहर लगाई गई है। यह प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। उम्मीद है इस पर जल्द ही शासन की मोहर लग जाएगी। इसके बाद प्रदेश ही नहीं पूरे देश के छात्र-छात्राओं को इसका लाभ मिल सकेगा।
यह है सीटों की संख्या
कोर्स वर्तमान में प्रस्तावित वृद्धि
एमबीबीएस 150 200
एनाटॉमी 05 13
पैथोलॉजी 04 17
रेस्पिरेटरी मेडिसन विभाग 03 05
डॉ. आदेश दोषमुक्त, डीन बनाए गए
सैफई। डॉ. आदेश कुमार पेंशट किचिन टेंडर के मामले में चल रही विभागीय जांच से दोषमुक्त कर दिया गया है। इसके बाद उनके स्थान पर उनसे कनिष्ठ डॉ. ऊषा शुक्ला को कार्यमुक्त करके डॉ. आदेश कुमार को डीन बनाने के आदेश दिए गए हैं। डॉ. आदेश ने बताया कि उन पर लगाए गए सभी आरोप गलत थे। यह जांच कमेटी ने मार्च 2022 की दी हुई रिपोर्ट में ही दे दिया था। इसके बावजूद विवि प्रशासन की ओर से जूनियर को डीन बना दिया गया था। इस संबंध में मैंने कोर्ट में अपील की थी। कोर्ट के आदेश के बाद यह मामला कार्य परिषद में रखा गया। यहां भी मुझे दोषमुक्त कर दिया गया है। शनिवार को मुझे डीन बनाने के आदेश दे दिए गए हैं।
वर्जन
उप्र आयुर्विज्ञान विवि ग्रामीण के कुलपति प्रो./डॉ. प्रभात कुमार ने बताया कि कार्य परिषद की बैठक में एमबीबीएस और पीजी की सीटें बढ़ाने का प्रस्ताव पास करके शासन को भेज दिया गया है। वहीं डॉ. आदेश के दोषमुक्त होने पर उन्हें डीन का प्रभार सौंपा गया है।
