इटावा। अपर जिला एंव सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय ने हत्या के छह साल पुराने मामले की सुनवाई करते हुए पिता व तीन पुत्रों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। उन पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
जिला शासकीय अधिवक्ता शिव कुमार शुक्ला ने बताया कि जसवंतनगर थानाक्षेत्र के गांव भैंसान निवासी अखिलेश कुमार उर्फ बुधू का गांव के दर्शन लाल से मेड़ को लेकर 31 जुलाई 2017 की शाम को विवाद हो गया था। बाद में गांव के लोगों ने बीचबचाव कर दिया। एक अगस्त 2017 की सुबह अखिलेश अपनी पत्नी मगनश्री के साथ खेत की निराई करने के लिए गए थे। जब दोनों निराई कर रहे थे, तभी शाम को लेकर हुए विवाद के कारण दर्शनलाल अपने पुत्रों सौरभ, गौरव व अमित के साथ खेतों पर पहुंचे और गाली-गलौज शुरू कर दी। अखिलेश ने गाली देने से मना किया तो इसी बात से नाराज होकर चारों ने मारपीट शुरू कर दी। बाद में सौरभ ने अखिलेश को गोली मार दी।
गाेली लगने से अखिलेश की मौके पर ही मौत हो गई। बाद में हमलावर भाग निकले। मगनश्री की तहरीर पुलिस ने दर्शन लाल सौरभ गौरव व अमित के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। बाद में पुलिस ले आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। छानबीन के बाद पुलिस ने सभी के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में पेश किए। मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय में हुई। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता मंजू शाक्य की ओर पेश किए साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर कोर्ट ने चारों को दोषी पाया और उन्हें सजा व जुर्माने से दंडित किया।
