बकेवर (इटावा)। 24 साल पुराने चोरी के एक मामले में कोर्ट से वारंट जारी होने पर दिल्ली पुलिस थाना क्षेत्र के अलियापुरा गांव से एक व्यक्ति को स्थानीय थाना क्षेत्र को बिना सूचना दिए ले गई। वांछित के परिजनों ने स्थानीय पुलिस को अपहरण की सूचना दे दी। सूचना पर कई थानों की पुलिस दौड़ पड़ी। बाद में बकेवर थाना पुलिस ने दिल्ली पुलिस के दो दीवान व पकड़े गए व्यक्ति को फोन कर थाने पर बुलाया।
दिल्ली कैंट थाना के दो हेड कांस्टेबल आकाश व योगेश शुक्रवार सुबह कार से बकेवर थाना क्षेत्र के अलियापुरा गांव में 24 साल पुराने एक मामले में गांव निवासी नेम सिंह यादव (62) को ले गए। दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबलों ने स्थानीय थाने पर कोई सूचना नहीं दी। फरार नेम सिंह को पकड़कर कार से अपने साथ लेकर दिल्ली के लिए निकल गए।
उधर, नेम सिंह के घर वालों ने पुलिस कंट्रोल रूम व थाना पुलिस को फोन से अपहरण होने की सूचना दी। इस पर थाना प्रभारी मय फोर्स के अलियापुरा गांव पहुंचे। नेम सिंह के परिजनों से मामले की जानकारी ली। कार सवारों के अपहरण कर ले जाने की सूचना पर जनपद पुलिस-प्रशासन सक्रिय हुआ।
कार की तलाश में इकदिल, भरथना, सिविल लाइस, जसवंतनगर थानों की पुलिस ने भी अपने क्षेत्र में वाहनों की चेकिंग में जुट गई। इस दौरान नेम सिंह के घर वालों ने हेड कांस्टेबलों के मोबाइल नंबर थाना प्रभारी को दिए। तब पूरे माजरा का पता चला।
थाना प्रभारी विनोद मिश्रा ने बताया कि दिल्ली पुलिस के कैंट थाने के दो दीवान कोर्ट के आदेश पर व्यक्ति को पकड़ने आए थे। पकड़े गए व्यक्ति के परिजनों ने अपहरण झूठी सूचना दे दी थी। दिल्ली पुलिस के दीवान आकाश ने बताया कि स्थानीय थाना पुलिस को फोन करने वाला ही था लेकिन तब तक ये सारा माजरा हो गया।
चोरी की वारदात में है आरोपी
नेम सिंह ने बताया कि उसे जानकारी नहीं है, क्या मामला है। वह करीब 25 साल पहले दिल्ली के एक व्यक्ति के यहां रहकर नौकरी करता था। उसी दौरान उसके यहां चोरी हो गई थी। उसे कोई जानकारी नहीं है। उसका नाम वारदात में शक होने पर दे दिया होगा।
