इटावा। ग्वालियर हाईवे पर स्थित चंबल नदी पर पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद अब इसी के बराबर से एक सिग्नेचर पुल बनाने की तैयारी है। इसके लिए शासन से 296 करोड़ रुपये स्वीकृत भी कर दिए गए हैं। वाइल्ड लाइफ विभाग से एनओसी मिलने के बाद जल्द ही पुल काम शुरू करा दिया जाएगा।

इटावा में 70 के दशक में उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश को जोड़ने वाला चंबल नदी पुल क्षतिग्रस्त होने से भारी वाहनों का आवागमन बंद चल रहा है। डीएम के आदेश पर पर आठ जून 2023 को 800 मीटर लंबे चंबल नदी के पुल पर भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए थे। जिसके बाद से इस पुल से अवैध ओवरलोड परिवहन करने वाले सिंडिकेट को बड़ा झटका लगा था। यही वजह है कि लगातार इटावा जिले के अधिकारियों को इस पुल को भारी वाहनों को संचालित करने का दबाव किसी न किसी रूप में दिया जा रहा है।

केंद्रीय सड़क एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से चंबल पुल पर सिग्नेचर ब्रिज बनाने की मंजूरी देकर बजट भी स्वीकृत कर दिया गया है। वाइल्ड लाइफ सेंक्चुअरी की एनओसी मिलते ही दोनों राज्यों के बीच स्थित महत्वपूर्ण पुल पर निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। राष्ट्रीय मार्ग खंड अधिशाषी लोक निर्माण विभाग अभियंता मुकेश ठाकुर के मुताबिक, इस पुल पर सिर्फ भारी वाहनों के आवागमन पर जून माह में कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर रोक लगाई गई है।

शासन से नए फोरलेन पुल और यमुना नदी पुल से पहले कानपुर बाईपास तक फोरलेन बनने का बजट विभाग को मिल चुका है। टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। सिर्फ चंबल सेंक्चुअरी की एनओसी का इंतजार है। इसी माह या नवंबर में एनओसी मिलने की संभावना है। जिसके बाद पुल निर्माण का कार्य शुरू हो जाएगा। हालांकि पुराने क्षतिग्रस्त पुल पर छोटे वाहनों का आवागमन लगातार जारी है। एमपी की ओर जा रहे राहगीर राघवेंद्र सिंह ने बताया है कि बड़े वाहनों का संचालन न होने से मोटरसाइकिल से अपने परिवार के साथ जा रहे है।



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