फोटो 24::::मंदिर का ताला खुलवाती पुलिस। संवाद
फोटो 25::::जमीन का कब्जा दिलाने के दौरान मौजूद पुलिस। संवाद
– गांव चकवा बुजुर्ग में बुधवार दोपहर पहुंची पुलिस और प्रशासन की टीम ने दिलाया कब्जा
संवाद न्यूज एजेंसी
बसरेहर। गांव चकवा बुजुर्ग में 32 साल बाद मंदिर से लगी हुई उपजाऊ भूमि को बुधवार दोपहर करीब 12 बजे छह थाना प्रभारी समेत 16 थानों की पुलिस, पीएसी और प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी में मुक्त कराया गया। अधिकारियों ने दूसरे पक्ष के मंदिर पर पड़े ताले को तुड़वाकर मुकदमा जीते पक्ष के लोगों को कब्जा दिलाया।
गांव में स्थापित श्री महावीर महाराज पारवरिक ट्रस्ट की ओर से न्यायालय अपर सिविल जज सीनियर डिवीजन में एक बाद दायर किया गया था। इसमें नरेश बनाम आदि कई लोगों के खिलाफ मंदिर पर ताला लगाकर कब्जा करने एवं उसकी उपजाऊ 36 बीघा भूमि पर भी कब्जा करने का दायर किया गया था।
मंदिर की भूमि को लेकर 1991 में कमलेश द्विवेदी एवं उनके परिवार के सदस्यों के द्वारा कब्जा करने वालों के खिलाफ कोर्ट में मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद वर्ष 2009 में कमलेश द्विवेदी के पक्ष में कोर्ट ने फैसला सुना दिया, लेकिन दूसरा पक्ष फिर भी नहीं माना और उच्च न्यायालय में वाद दायर कर दिया था।
जहां 2011 में फिर कमलेश द्विवेदी के पक्ष में फैसला आया और उन्हें उसे भूमि पर कब्जा करने का आदेश दिया गया। 2015 में कमलेश द्विवेदी की मृत्यु हो गई। फिर इस पूरे मामले की कमान उनकी बेटी सुप्रिया मिश्रा ने संभाली। जिन्होंने उच्च अधिकारियों को अपने पक्ष में हुए आदेश के बारे में अवगत कराया।
इस पर जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने संयुक्त टीम बनाकर। 32 सालों के बाद मंदिर में भगवान श्री बजरंगबली की मूर्ति के दर्शन के लिए ताले खुलवाए तो वही मंदिर से लगी हुई 36 बीघा उपजाऊ भूमि को भी कब्जा मुक्त कराकर पारिवारिक ट्रस्ट के सुपुर्द कराया।
कब्जा मुक्त कराने के दौरान सीओ नागेंद्र चौबे, नायब तहसीलदार प्रीति सिंह, बसरेहर थाना प्रभारी सनत कुमार कोतवाली, सिविल लाइन, फ्रेंड्स कॉलोनी, इकदिल, जसवंतनगर, बढ़पुरा, बलरई, चौबिया, सैफई, वैदपुरा, भरथना, ऊसराहार, लवेदी, चकरनगर, साहसों, बिठौली थाने की पुलिस मौजूद रही।
