{“_id”:”66e0a0c244bde4f920043cd4″,”slug”:”even-after-eight-years-the-orai-rath-state-highway-is-incomplete-orai-news-c-224-1-ka11004-119508-2024-09-11″,”type”:”story”,”status”:”publish”,”title_hn”:”Jalaun News: आठ साल बाद भी उरई-राठ स्टेट हाईवे अधूरा”,”category”:{“title”:”City & states”,”title_hn”:”शहर और राज्य”,”slug”:”city-and-states”}}
मुहम्मदाबाद। उरई-राठ स्टेट हाईवे वर्ष 2016 में सपा शासनकाल में बनना शुरू हुआ था। तब मौखरी ढाबा चतुर्भुज से मोहाना गांव तक 22 किलोमीटर की सड़क को 127 करोड़ से कायाकल्प करने की मंजूरी मिली थी।
इस सड़क के निर्माण को करीब नौसाल हो गए हैं, यह स्टेट हाईवे मुहम्मदाबाद गावं के पास बंधौली मोड़, कुसमिलिया एवं मोहाना गांव के पास गड्ढों में तब्दील हो गया है।
इस हाईवे पर गड्ढामुक्त सड़क की मुहिम भी काम नहीं आ रही है। बस संचालक ही सरकारी कर्मचारी व स्कूली बच्चे समय से अपने स्कूल और कार्यालय नहीं पहुंच पा रहे हैं। फोरलेन स्टेट हाईवे में गड्ढों के कारण दस मिनट के मार्ग में करीब आधा घंटे का समय लग जाता है। मार्ग के मरम्मतीकरण पर ध्यान न देने से मार्ग के छोटे गड्ढे बड़ा रूप लेकर मार्ग से गुजरने वाले वाहनों के लिए मुसीबत खड़ी कर रहे हैं। इन गड्ढों में अक्सर वाहन फंसकर घंटों जाम की स्थिति पैदा कर देते हैं। इससे क्षेत्रीय जनता में खासा आक्रोश है।
यात्रियों की सुरक्षा को लेकर लगा रहता डर, कौन होगा जवाबदेह
बस संचालक चतुर सिंह का कहना है कि उरई-राठ स्टेट हाईवे पर मुहम्मदाबाद गांव के पास बंधौली मोड़ से लेकर मोहाना गांव तक सडक़ गड्ढों में तब्दील हो गई है। बस में सवारियों की सुरक्षा को लेकर डर लगा रहता है कि कहीं इन गड्ढों के कारण बड़ा हादसा हो गया तो इसकी जवाबदेही किसकी होगी। क्योंकि इन गड्ढों से गुजरते समय बस एक तरफ से काफी झुकाव ले जाती है। इससे बस के पलटने का डर लगा रहता है। ऐसा न हो कि किसी की कमी और खामियाजा कोई और को भुगतना पड़े। समय रहते गड्ढों को भरा जाए, जिससे संभावित दुर्घटना को रोका जा सके।
मरीज समय पर नहीं पहुंच पाते अस्पताल
मुहाना के हृदेश कहते हैं कि बीमार व्यक्ति को अस्पताल ले जाते समय काफी दिक्कतें होती हैं। जब बीमार व्यक्ति को शीघ्र उपचार की जरूरत होती है तो सडक़ के गड्ढे इसमें बाधा बन जाते हैं। इससे मरीज को अस्पताल पहुंचाने देर हो जाती है और मरीज या दुर्घटना के घायलों को सही समय पर उपचार नहीं मिल पाता है। पीडब्ल्यूडी विभाग इन गड्ढों को समय रहते भरवा दे तो मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाया जा सकता है।
गड्ढों की वजह से आधे घंटा पहले निकलना पड़ता
कर्मचारी रणविजय का कहना है कि रोज कार्यालय आते-जाते उरई-राठ मार्ग पर गड्ढों से रूबरू होना पड़ता है। इस कारण घर से करीब आधा घंटा पहले कार्यालय के लिए निकलना पड़ता है। तब जाकर समय पर कार्यालय में उपस्थिति दर्ज करा पाते हैं। इसके बाद शाम को ऑफिस से निकलकर देर शाम तक घर पहुंचते हैं। इसी तरह इस मार्ग पर पड़ने वाले स्कूलों में भी छात्रों की लेटलतीफी होती रहती है।
गड्ढों के कारण दोपहिया वाहन सवार अक्सर होते चुटहिल
ग्रामीण संजीत का कहना है कि उरई-राठ फोरलेन पर इन गड्ढों के कारण रात में अक्सर दोपहिया, चार पहिया वाहन दुर्घटनाओं के शिकार हो जाते हैं। बड़े वाहन भी इन गड्ढों में फंसकर घंटों जाम की स्थिति पैदा कर देते हैं। मोहाना गांव के पास तीन-तीन फीट गहरे गड्ढे दुर्घटना का करण बनते हैं, जिन पर विभाग ध्यान नहीं दे रहा है।
वर्जन
उरई-राठ मार्ग स्टेट हाईवे के सभी गड्ढों को चिह्नित कर लिया गया है। बारिश खत्म होते ही इन्हें भरवाकर मरम्मत की जाएगी। जिससे मार्ग पर वाहनों का आसानी से आवागमन हो सके। इस प्रक्रिया को जल्द अमल में लाने के लिए पूर्ण रूप से बारिश बंद होने का इंतजार है। -पुष्पेंद्र राय, अवर अभियंता, पीडब्ल्यूडी खंड प्रथम उरई
