रायबरेली। तीन करोड़ रुपये मिलने के बाद भी पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारी बिजली के पोल हटाने का कार्य नहीं करा पाए हैं। ऐसे में शहर के सिविल लाइन चौराहा से परशदेपुर के चौड़ीकरण का कार्य शुरू नहीं हो पाया है। यह हाल तब है, जब दो माह का समय बीत चुका है। इस कार्य को लेकर अब पावर कॉर्पोरेशन और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के बीच ठन गई है। दोनों विभाग के अधिकारी एक-दूसरे की कमियां बताकर पल्ला झाड़ रहे हैं। ऐसे में उम्मीद नहीं दिख रही है कि सड़क चौड़ीकरण का कार्य जल्द शुरू हो पाएगा।
सिविल लाइन चौराने से पीएसी तक दो किमी अक्सर जाम लगता है। इस मार्ग पर कई सरकारी और निजी विद्यालय हैं। कई सरकारी विभाग भी है। जाम की समस्या से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। लोक निर्माण विभाग ने सात मीटर की जगह सड़क को 10 मीटर चौड़ा करने की कार्ययोजना छह महीने पहले तैयार की थी। शासन से स्वीकृति और बजट भी मिल गया। मौजूदा समय में सड़क किनारे बिजली के खंभे लगे हैं।इस वजह से अब तक सड़क का चौड़ीकरण शुरू नहीं हो पाया है।
लोक निर्माण विभाग ने तीन करोड़ का बजट पावर कॉर्पोरेशन को देकर बिजली के पोल दूसरी जगह शिफ्ट करने की बात कही थी। होते करते काफी समय बीत गया, लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया गया। नतीजतन सड़क चौड़ीकरण का कार्य चालू नहीं हो पाया है।
लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि चौड़ीकरण में 10 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसमें तीन करोड़ रुपये लाइन व खंभे हटाने के लिए पावर कॉर्पोरेशन को दे दिया गया है। लाइन हटने के बाद काम शुरू हो पाएगा। पावर कॉर्पोरेशन की तरफ से बिजली के पोल शिफ्ट नहीं किए जा सके हैं।
जाम की समस्या से भी परेशान रहते लोग
सड़क का यदि चौड़ीकरण करा दिया जाए तो जाम की समस्या से लोगों को राहत मिल सकती है, लेकिन ऐसा नहीं हो पा रहा है। अक्सर जाम की समस्या से मुसाफिरों को परेशान होना पड़ता है। खासकर बिजली के पोल सड़क पर लगे होने के कारण हादसे का खतरा रहता है। खासकर रात के वक्त सबसे ज्यादा दिक्कत होती है। बावजूद इस ओर ध्यान नहीं दिया जाता है।
टेंडर प्रक्रिया पूरी, हटाए जाएंगे खंभे
लाइन हटाने के लिए बजट मिला है। टेंडर प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है। लोक निर्माण विभाग ने अभी यह तय नहीं किया कि सड़क कितनी चौड़ी होगी और पोल कहां लगाने है। मार्किंग होने के बाद खंभे हटाने का काम शुरू करा दिया जाएगा।
– विवेक कुमार सिंह, अधीक्षण अभियंता पावर कॉर्पोरेशन
