संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। विभाग की सख्ती के बाद भी बिजली चोरी के मामले रुक नहीं रहे हैं। जनवरी से अब तक मंडल में हर रोज औसतन 8.46 लाख रुपये की बिजली चोरी की गई है। 230 दिनों में बिजली चोरी के कुल 3087 मुकदमे दर्ज कर इन पर 19.47 करोड़ रुपये का जुर्माना तय किया गया। यानी कि हर रोज औसतन 13 मामले पकड़े गए। विभाग के अनुसार, 137 उपभोक्ताओं ने अपना शमन जमा किया है।
झांसी मंडल के 115 उपकेंद्रों के माध्यम से 7 लाख से अधिक उपभोक्ताओं के घरों में बिजली मुहैया कराई जा रही है। आंकड़े बताते हैं कि भीषण गर्मी के समय में हंसारी और दुनारा पावर हाउस से शहर को प्रतिदिन 235 मेगावाट बिजली की आपूर्ति की गई। ट्रांसमिशन से विभाग की ओर से जितनी बिजली प्राप्त की गई, वह शत-प्रतिशत खर्च तो हो गई लेकिन उसके सापेक्ष बिलिंग कम की गई। आखिर यह बिजली कहां गई, इसे लेकर अधिकारियों के होश उड़े हुए हैं। ऐसे में सीधे तौर पर बिजली चोरी का अनुमान है।
बॉक्स में
दर्ज हुए बिजली चोरी के मुकदमे
सर्किल मामले
झांसी शहर 281
झांसी ग्रामीण 970
ललितपुर 1059
उरई 777
बॉक्स में –
इन उपकेंद्रों पर ज्यादा बिजली चोरी
– गल्ला मंडी, हंसारी, नगरा, उन्नाव गेट, सूती मिल
वर्जन
बिजली चोरी पकड़ने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। चोरी के पकड़े गए प्रकरणों में जुर्माना तय किया गया है। इसे जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। लोगों से अपील की गई है कि नियमित संयोजन लेकर बिजली का उपभोग करें। – केपी खान, मुख्य अभियंता, विद्युत वितरण मंडल, झांसी