उरई। गांव के हर घर को रोशन करने की कवायद शुरू हो गई है। सौभाग्य योजना-3 के तहत सर्वे चल रहा है। अफसरों का दावा है कि सितंबर तक सर्वे पूरा हो जाएगा। नवंबर से पोल, तार और ट्रांसफार्मर लगाने का काम शुरू हो जाएगा।
निगम के अफसरों ने बताया कि जिले में 35 गांवों का सर्वे पहले ही पूरा किया जा चुका था। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने कई नई बस्तियों की सूची सौंपी। इसके बाद वहां भी सर्वे शुरू किया गया। नई बस्तियों का सर्वे फिलहाल जारी है और उम्मीद है कि सितंबर तक यह काम पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद शासन से स्वीकृति मिलते ही निर्माण और आपूर्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
योजना के तहत प्रत्येक गांव में लगभग 40 से 50 परिवारों को मुफ्त कनेक्शन दिए जाएंगे। इन परिवारों का चयन उन जगहों से होगा, जहां अब तक बिजली नहीं पहुंची है या लोग मजबूरन अवैध रूप से लाइन खींचकर बिजली का उपयोग कर रहे हैं। निगम का कहना है कि यह योजना ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत साबित होगी।
जिले के कई गांवों में स्थिति यह है कि जहां 400 से 450 घर हैं, वहां केवल 200 के पास ही वैध कनेक्शन हैं। शेष लोग दूर से अवैध तरीके से बिजली ले रहे हैं। कई जगह लोग 400 से 500 मीटर तक तार डालकर कनेक्शन खींचते हैं, जबकि नियम के अनुसार अधिकतम दूरी 40 मीटर तय की गई है। अधिकारियों का कहना है कि इस योजना से अवैध कनेक्शन की समस्या खत्म होगी और बिजली चोरी पर भी लगाम लगेगी।
सौभाग्य योजना-2 में 80 बस्तियों को जोड़ा गया था
बिजली विभाग के मुताबिक, सौभाग्य योजना-2 के तहत जिले की लगभग 80 नई बस्तियों को चिन्हित कर वहां खंभे और तार पहुंचाने का कार्य चल रहा है। जिले में कई ग्रामीणों ने 400 से 500 मीटर दूरी से अवैध कनेक्शन ले रखे हैं, जबकि नियम के अनुसार अधिकतम दूरी 40 मीटर तक ही बिजली कनेक्शन वैध है।
गांवों में कई के पास नहीं बिजली कनेक्शन
फिलहाल जिले में लगभग 2.85 लाख बिजली उपभोक्ता पंजीकृत हैं। गांवों में बड़ी संख्या में लोग अब भी कनेक्शन से वंचित हैं। सौभाग्य योजना-3 के माध्यम से विभाग का लक्ष्य है कि 30 से 35 हजार नए उपभोक्ताओं को नियमित कनेक्शन दिए जाएं। इससे न केवल बिजली चोरी पर रोक लगेगी। विभागीय सूत्रों के अनुसार, नदीगांव, सिरसाकलार, माधौगढ़, महेवा, कदौरा जैसे क्षेत्रों में बिजली चोरी सबसे अधिक हो रही है। इन क्षेत्रों में कनेक्शन के नाम पर लोग सिर्फ 200 से 300 रुपये महीने देकर जेई और लाइनमैन की खानापूरी में बिजली का उपयोग कर रहे हैं।
वर्जन-
सर्वे अंतिम चरण में है। सितंबर तक सर्वे समाप्त कर लिया जाएगा। नवंबर से पोल और तार लगाने का काम शुरू कर दिया जाएगा।
– नंदलाल, अधीक्षण अभियंता, विद्युत निगम
