Shivam Pandey of Gorakhpur invented device named Prana

शिवम पांडेय।
– फोटो : अमर उजाला।

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गोरखपुर जिले में राप्तीनगर के युवा वैज्ञानिक शिवम पांडेय ने एक ऐसी फिल्टर युक्त डिवाइस तैयार की है, जिसे गाड़ियों में लगाने से पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले जहरीले तत्व कार्बन, सल्फर आदि धुएं के साथ बाहर नहीं निकलेंगे, चैंबर में ही रह जाएंगे। ऑक्सीजन और नाइट्रोजन बाहर आ जाएगा।

जहरीले तत्वों को एकत्र करके स्याही बनाई जाएगी। शिवम ने अपनी तकनीक को न सिर्फ भारत सरकार से पेटेंट कराया है, बल्कि अब ओरक्षा में फैक्टरी भी लगा रहे हैं। दुबई के मिराज ट्रांसपोर्टर के संचालक ने दस ट्रकों में इस डिवाइस के सफल प्रयोग के बाद 900 डिवाइस का ऑर्डर दिया है।

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राप्तीनगर निवासी कृषि विभाग के कर्मचारी गिरिजेश पांडेय के बेटे शिवम ने चार साल पहले 10वीं कक्षा में ही मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय से जुड़कर रिसर्च शुरू कर दिया था। उन्होंने शहर के लिटिल फ्लावर स्कूल से कक्षा 12 वीं की पढ़ाई करने के बाद हिमाचल गढ़वाल यूनिवर्सिटी, देहरादून से बीटेक में पेट्रोलियम साइंस एंड एनर्जी ब्रांच से डिग्री हासिल की। शिवम इसके पहले प्लास्टिक से पेट्रोल बनाने की तकनीक ईजाद कर चुके हैं और पुणे में फैक्टरी लगाई है। इससे देश के गई बड़ी कंपनियों को पेट्रोल की सप्लाई भी कर रहे हैं।

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