
हरिकांत आहलुवालिया
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मेरठ नगर निगम महापौर पद अब सत्ता की डोर पांच साल बाद एक बार फिर से भाजपा के हाथ में आ गई है। महापौर पद पर भाजपा के हरिकांत अहलूवालिया काबिज हो गए हैं। मेरठ शहर को विकास की दरकार है। तमाम ऐसी समस्याएं हैं जिनसे लोग निजात पाना चाहते हैं। शहर के चारों तरफ लगे कूड़े के ढेर। रोजाना जाम का झाम। सड़कों पर अतिक्रमण का जाल। स्मार्ट सिटी की दरकार। ये तमाम ऐसे मुद्दे हैं जो महापौर के लिए बड़ी चुनौती हैं। अमर उजाला ने ऐसी ही दस चुनौतियों पर हरिकांत अहलूवालिया से बात की, जिस पर उन्होंने बेबाकी से अपना पक्ष रखा।
1. शहर में सबसे बड़ी चुनौती सफाई व्यवस्था की है। सैकड़ों मीट्रिक टन कूड़ा रोज निकलता है, कैसे इसका निस्तारण करेंगे। जलभराव बड़ा मुद्दा है?
बिलकुल, शहर में कूड़े की बड़ी समस्या है। कूड़ा निस्तारण को लेकर इंदौर की तर्ज पर कार्य करेंगे। हमारे पास पांच साल मेयर का अनुभव है। ऐसे में इस समस्या को हल कराना प्राथमिकता रहेगी। शहर में ड्रेनेज सिस्टम बहुत खराब है। अगर ड्रेनेज सिस्टम ठीक हो जाएगा तो जलभराव की समस्या खुद-ब-खुद खत्म हो जाएगी। इसको लेकर हमारी पूरी कार्ययोजना बनी हुई है।
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