उरई। आयुष्मान भारत योजना में कार्ड बनाने की गति धीमी होने पर सीएमओ ने जिले के चार ब्लॉकों के चिकित्साधिकारियों से तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा है। चार ब्लॉकों में आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रगति कम होने के कारण जिले का औसत कम हो रहा है।

बता दें कि लाभार्थी परिवारों में जिले में कार्ड की 93 फीसदी लाभार्थी परिवारों के कार्ड बनाए जा चुके हैं। व्यक्तिगत आयुष्मान कार्ड का काम धीमा है, अभी तक 63 फीसदी ही जारी किए गए हैं। वहीं, जिले के कुठौंद, कदौरा, माधौगढ़ और रामपुरा ब्लॉक क्षेत्र में यह औसत 63 फीसदी से भी नीचे है। इसकी वजह से जिले की रैकिंग गिरी है।

इस मामले को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इस पर सीएमओ डॉ. वीरेंद्र सिंह ने इन चारों ब्लॉकों के चिकित्साधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब किया है। साथ ही निर्देशित किया है कि एक सप्ताह के अंदर अपने-अपने ब्लॉकों में अवशेष लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनाना सुनिश्चित करें।

आयुष्मान योजना के जिला कार्यक्रम प्रभारी डॉ. आशीष कुमार झा ने बताया कि सभी ब्लॉकों को आयुष्मान लाभार्थियों की सूची उपलब्ध कराई गई और शत प्रतिशत कार्ड बनाने को कहा गया है। इसके बावजूद इन चार ब्लॉकों की स्थिति ठीक नहीं है। कुठौंद में 60.57 फीसदी, रामपुरा में 60.18 फीसदी, कदौरा में 60.03 फीसदी और सबसे खराब स्थिति माधौगढ़ ब्लॉक की है। 59.96 फीसदी लाभार्थियों के ही आयुष्मान कार्ड बनाए जा सके है। सभी ब्लॉकों से शत प्रतिशत लाभार्थियों के कार्ड बनाने को कहा गया है।

आयुष्मान योजना में अच्छे काम के लिए पीएचसी पिंडारी के अधीक्षक सम्मानित

उरई। आयुष्मान योजना में उत्कृष्ट कार्य के लिए पिंडारी पीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कमलेश कुमार राजपूत को राजकीय मेडिकल कालेज में आयोजित उत्तर प्रदेश दिवस के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष घनश्याम अनुरागी व अन्य ने प्रशस्ति पत्र दिया गया। आयुष्मान योजना के जनपदीय कार्यक्रम प्रभारी डॉ. आशीष ने बताया कि कोंच ब्लॉक के 97 प्रतिशत लाभार्थी परिवारों में आयुष्मान कार्ड बनाया गया है, जो जिला के 93 प्रतिशत व राज्य के 89 प्रतिशत औसत से ऊपर है। इसी तरह 66 प्रतिशत लाभार्थियों के व्यक्तिगत आयुष्मान कार्ड भी सबसे अधिक कोंच ब्लॉक में ही जारी किए गए हैं। कोंच ब्लॉक में पीएचसी पिंडारी के अधीन सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिर में कार्यरत सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी, संगिनी, आशा एवं पंचायत सहायक, कोटेदार ने स्वास्थ्यकर्मियों के साथ मिलकर यह उपलब्धि हासिल की है। (संवाद)



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