
ननकेश कुमार विमल
– फोटो : परिजन
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छह दिन से लापता चल रहे मुरसान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात नेत्र परीक्षण अधिकारी ननकेश विमल 26 अगस्त को घर लौट आए। घर लौटने के बाद उन्होंने सीएमओ, एसीएमओ और एमओआईसी पर मानसिक रूप से उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सीएमओ कार्यालय में महिला लिपिक को रिश्वत लेते गिरफ्तार कराने की सजा उन्हें दी जा रही है। उनके आरोपों से स्वास्थ्य महकमे में सनसनी फैल गई।
ननकेश विमल ने 27 अगस्त को आरोप लगाया कि वह लगातार ड्यूटी करते हैं। यदि इस दौरान वह लघुशंका करने या अपनी बीमार पत्नी को दवा देने के लिए कुछ मिनट के लिए चले जाते हैं तो तुरंत मुरसान सीएचसी पर तैनात एमओआईसी उनके कक्ष का निरीक्षण कर लेते हैं और उनसे जवाब मांगा जाता है। पत्नी बीमार है, जिनकी देखभाल के लिए उन्होंने एक माह का अर्जित अवकाश मांगा था। उन्हें यह अवकाश नहीं दिया गया। अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मियों वाले व्हाट्स एप ग्रुप से भी उन्हें हटा दिया गया है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि शासन से उनके प्रमोशन के लिए पत्र आया था, जिसमें सीआर मांगी गई, लेकिन अधिकारियों ने नहीं भेजी। इस उत्पीड़न के चलते वह बुधवार की दोपहर को मुरसान से मथुरा-वृंदावन व अन्य जगहों के लिए चले गए थे। सोमवार को जैसे ही उनको पता चला कि उनकी मुरसान कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज हो गई है तो वह अपने घर पर आ गए।
