
झूलेलाल घाट पर गणेश विसर्जन के दौरान भावुक हो गए भक्त।
लखनऊ। पंडालों और घरों में विराजमान बप्पा के पूजन के बाद उनकी विदाई के समय भक्तों की आंखों से आस्था का सैलाब बह रहा है। सोमवार को भी घाटों पर गणपति की प्रतिमाओं संग पहुंचे भक्त विसर्जन के समय भावुक हो गए।मंगलवार को बप्पा की विदाई का आखिरी दिन है।
ज्यादातर बड़े पंडालों में विराजे बप्पा का विसर्जन पहले ही हो चुका है। गोमतीनगर पत्रकारपुरम और झूलेलाल वाटिका में विराजे मनौतियों के राजा का विसर्जन मंगलवार को भव्य शोभायात्रा के साथ होगा। पूर्व संध्या पर घर-गली-मोहल्लों में विराजे गजानन के विसर्जन का सिलसिला सोमवार देर शाम तक जारी रहा।
शिवाजी मार्ग के राजा का विसर्जन भी सोमवार को हुआ। इससे पूर्व सत्यनाराण कथा का आयोजन हुआ। इस मौके पर आस्कर योग साईं संस्थान की ओर से श्रद्धालुओं को तुलसी के पौधें बांटे गए। वहीं बशीरतगंज की पीपल वाली गली में विराजे गणपति की शोभायात्रा दोपहर तीन बजे से शुरू हुई और विसर्जन शाम छह बजे झूलेलाल घाट पर किया गया।
महाआरती संग लगा महामोदक का भोग
गोमतीनगर पत्रकारपुरम समिति की ओर से विसर्जन की पूर्व संध्या पर महाआरती की गई। राजवीर एंड पार्टी ने भजन संध्या सजाई। वहीं श्री गणेश प्राकट्य कमेटी की ओर से झूलेलाल वाटिका में सोमवार को 1008 नामों से महाअभिषेक हुआ। शाम को 108 किलो के लड्डू का भोग लगा।
