
वीसी को चूड़ी दिखाती छात्रा
– फोटो : रूपेश कुमार
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अलीगढ़ के राजा महेंद्र प्रताप सिंह राज्य विश्वविद्यालय (आरएमपीएसयू) के शिविर कार्यालय का 13 मार्च को अनुत्तीर्ण विद्यार्थियों ने घेराव किया। छात्राओं ने चूड़ियां दिखाते हुए कुलपति की मेज पर फेंक दीं। हंगामा-प्रदर्शन के दौरान कई छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई। उनके समर्थन में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता भी आ गए। विवि प्रशासन ने कृपांक मसले पर 15 मार्च को परीक्षा समिति की बैठक करने का निर्णय लिया है।
13 मार्च को टीकाराम कन्या महाविद्यालय, धर्म समाज महाविद्यालय व वार्ष्णेय महाविद्यालय के छात्र-छात्राएं एकत्र होकर शिविर कार्यालय पहुंच गए। विद्यार्थियों ने कुलपति के खिलाफ नारेबाजी की। सैकड़ों की संख्या में शिविर कार्यालय पर विद्यार्थियों को देख पुलिस कर्मियों ने कुलसचिव का कार्यालय पर ताला लगा दिया। लेकिन विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने ताला तोड़ दिया और विद्यार्थी अंदर चले गए। करीब चार घंटे तक विद्यार्थियों ने प्रदर्शन किया।

परिषद के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य अंकुर शर्मा व महानगर मंत्री शैलेंद्र प्रजापति ने बताया कि विद्यार्थी परिषद परीक्षा परिणाम में त्रुटियों को दूर करने की मांग कर रही है। त्रुटियों को दूर करने के लिए 12 मार्च का समय भी दिया था, लेकिन विश्वविद्यालय द्वारा कोई समाधान नहीं किया गया। प्रदर्शन में महानगर सहमंत्री चिराग सक्सेना, पूरन यादव, प्रशांत सिंह, चिराग भारद्वाज, पियूष, जतिन आर्य आदि शामिल थे।
इस संबंध में कुलसचिव डॉ. महेश कुमार ने बताया कि छात्राओं ने अवगत कराया कि विषम सेमेस्टर परीक्षा में उन्हें अनुत्तीर्ण कर दिया गया है। ज्यादातर दो अंकों से अनुत्तीर्ण हैं, उन्हें कृपांक देकर उत्तीर्ण कर दिया जाए। कुलपति के अनुमोदन के बाद प्रश्नपत्रों की उत्तर कुंजी तीन दिन में विवि की वेबसाइट पर अपलोड कर दी जाएगी। 15 मार्च को परीक्षा समिति की बैठक में कृपांक पर निर्णय लिया जाएगा।

क्या है मामला
राजा महेंद्र प्रताप सिंह राज्य विश्वविद्यालय ने पिछले दिनों स्नातक व परास्नातक के परीक्षा परिणाम जारी किए हैं। विद्यार्थियों का आरोप है कि वेबसाइट पर ज्यादातर विद्यार्थियों को अनुत्तीर्ण, अनुपस्थित दिखाया जा रहा है। 12 मार्च को टीकाराम कन्या महाविद्यालयों की अनुत्तीर्ण छात्राओं ने हंगामा काटा था।
