Faizabad: Voting has started, many will be tested today to make and break records, BJP trying for hat-trick

मतदान करने के बाद जिलाधिकारी नीतीश कुमार, कमिश्नर गौरव दयाल और आईजी प्रवीण कुमार।
– फोटो : amar ujala

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फैजाबाद लोकसभा क्षेत्र में सुबह नौ बजे तक शुरुआती दो घंटे में 14.38 फीसदी मतदान हुआ। इस दौरान सभी बूथों पर सुरक्षा के सख्त इंतजाम किए गए थे। सुबह सात बजे से ही कई मतदान केंद्रों पर वोटर लाइन में लग गए। युवाओं के साथ बुजुर्गों और महिला मतदाताओं में भी मताधिकार के प्रयोग के प्रति उत्साह देखा गया। कुछ मतदान केंद्रों में वोटरों की कतार छोटी रही। कमिश्नर गौरव दयाल, आईजी प्रवीण कुमार और डीएम नीतीश कुमार ने राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में मतदान किया। 

इसी तरह भाजपा प्रत्याशी लल्लू सिंह, अयोध्या विधायक वेद प्रकाश गुप्त, महापौर गिरीश पति त्रिपाठी, इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार अवधेश प्रसाद ने भी अपने मताधिकार का प्रयोग किया। किसी भी मतदान केंद्र पर वोटर को मोबाइल के साथ प्रवेश नहीं करने दिया गया। इसके चलते उन्हें दिक्कत आई। वोटर के साथ यदि कोई साथी रहा तो उन्हें बाहर मोबाइल देकर भीतर जाकर वोट डालने की अनुमति मिली। कई मतदान केंद्रों के बाहर सेल्फी प्वाइंट बनाए गए थे।

वोट डालने के बाद मतदाताओं ने यहां पर सेल्फी ली। कई बुजुर्ग मतदाता अपने परिवार के सदस्यों के साथ तो कुछ अकेले ही वोट डालने पहुंचे। पहली बार वोट डालने वाले युवाओं में भी उत्साह देखा गया। बड़ी संख्या में फर्स्ट टाइम वोटरों ने अपने मनपसंद उम्मीदवार के चयन के लिए मताधिकार का प्रयोग किया। सेक्टर मजिस्ट्रेट और उड़न दस्ते निरंतर भ्रमणशील रहे।

कमिश्नर, आईजी, डीएम और एसएसपी भी विभिन्न बूथों का भ्रमण करते रहे। भारत निर्वाचन आयोग के प्रेक्षक पी आकाश ने कई मतदान केंद्रों का दौरा किया। एमएल एमएल इंटर कॉलेज के मतदान केंद्र पर सुबह सात बजे मतदान शुरू होने के समय ही ईवीएम में खराबी आ गई। इसके चलते आधे घंटे देरी से 7:30 बजे मतदान शुरू हुआ। तब तक लाइन में लगे मतदाता इंतजार करते रहे।

अयोध्या के लिए लोकसभा का यह चुनाव पिछली बार की अपेक्षा काफी अहम है। लगातार पांचवीं बार चुनाव लड़ रहे भाजपा प्रत्याशी जीतकर पहली बार हैट्रिक लगाने की कोशिश में हैं तो नौ बार के विधायक और छह बार के मंत्री रहे सपा प्रत्याशी पहली बार लोकसभा पहुंचने को लालायित। बसपा प्रत्याशी की राजनीतिक शुरुआत के लिए भी यह चुनाव हम है। कौन अपने मकसद में कामयाब होता है और किसके मंसूबों पर पानी फिरता है, इसका फैसला चार जून को होगा। लेकिन सोमवार को ही उनका इम्तिहान है।

मतदान प्रतिशत बढ़ाने पर जोर

चिलचिलाती धूप और उमस भरी गर्मी मतदाताओं की कड़ी परीक्षा लेगी। 2014 के चुनाव में यहां अधिकतम 58.88% मतदान हुआ था। इस रिकाॅर्ड को 2019 के चुनाव में जनपदवासियों ने तोड़ दिया और 61% मतदान करके नया रिकॉर्ड बनाया। इस चुनाव में पुराने सभी रिकॉर्ड को तोड़ने के लिए जिला प्रशासन, सामाजिक संगठन ने एड़ी चोटी का जोर लगाया है।

क्षेत्रीय विधायकों की प्रतिष्ठा भी दांव पर

लोकसभा क्षेत्र में आने वाली पांच विधानसभा सीटों में से चार पर भाजपा के विधायक निर्वाचित हैं। सिर्फ मिल्कीपुर सीट पर ही सपा का कब्जा है, जहां से सपा प्रत्याशी ही विधायक हैं। ऐसे में अपनी सीटों पर पार्टी प्रत्याशी को जीत दिलाने के लिए विधायकों की प्रतिष्ठा भी दांव पर है।



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