
सोरोंजी के नगला खंजी में जानकारी देते मृतक सीमा देवी के पति सोनपाल।
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यूपी में हाथरस के सिकंदराराऊ में सत्संग में हुए हादसे में अपनों को खोने वाले परिजन भोले बाबा से नहीं वरन प्रशासन से नाराज हैं। सत्संग खत्म होने के बाद मची भगदड़ में अपनों की मौत देखने के बाद भी परिजन की आस्था बाबा के प्रति अभी भी डिगी नहीं है। वह सिर्फ प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर ही सवाल उठा रहे हैं। परिजन का कहना है कि आगे भी यदि सत्संग होता है तो वह वहां भी जाएंगे।
कासगंज कोतवाली अंतर्गत गांव नगला खंजी की सीमा पत्नी सोनपाल सत्संग में मची भगदड़ में अपनी जान गंवा चुकी हैं। सीमा अपने पति व अन्य परिजन के साथ सत्संग में शामिल होने गईं थीं। मृतका के पति सोनपाल ने बताया कि उनके परिवार की बाबा में गहरी आस्था है। वह करीब 18-20 साल से बाबा से जुड़े हैं। सिकंदराराऊ में हुए सत्संग में वह खुद भी शामिल होने गए थे।
बताया कि वहां बाबा के जाने के करीब 20-25 मिनट अचानक ही भगदड़ मची थी। इसकी चपेट में महिलाएं आ गईं। जो नीचे गिरा वह फिर उठ न सका। इस हादसे में उनकी भाभी बिरमा देवी एवं बेटी कुसुमा घायल हुई हैं। इनका उपचार जिला अस्पताल में चल रहा है। सोनपाल ने कहा कि उनकी बाबा में आस्था रहेगी। बिरमा देवी ने बताया कि वहां सत्संग के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस की कोई व्यवस्था नहीं थी। यदि पुलिस होती और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होती तो यह हादसा नहीं होता।
इसी तरह कासगंज कोतवाली क्षेत्र के ही गांव गोरहा की रहने वाली मीरा देवी अपने पति प्रेमशंकर एवं परिजन सहित ग्रामीणों के साथ सत्संग में शामिल होने गई थी। जहां उनकी मौत हो गई। पति प्रेमशंकर ने बताया कि गांव से 3 टेंपों में करीब 30-32 लोग सत्संग में शामिल होने गए थे। उन्होंने बताया कि वह बाबा के जाने के साथ ही वह गांव के कुछ लोगों के साथ सत्संग से बाहर निकल आए। बताया कि हादसे में पत्नी मीरा देवी की मौत हो गई।
वहीं उनकी बहू सारिका और ढाई वर्षीय नातिनी रिंकी घायल हो गई हैं। बताया कि उन्होंने अभी करीब एक-डेढ़ वर्ष पूर्व ही बाबा के सत्संग में जाना शुरू किया है। बोले कि सत्संग के दौरान वहां कोई प्रशासनिक व्यवस्था नहीं थी। भगदड़ के दौरान भी पुलिस वहां मौजूद नहीं थी। मौके पर एंबुलेंस भी नहीं थीं। भगदड़ के काफी देर बाद एंबुलेंस आई। बताया कि उनकी आस्था अभी भी बाबा में है। हादसे में बाबा का कोई दोष नहीं है। प्रशासनिक व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं थीं।
