
नंदकिशोर का फाइल फोटो
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उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में दो साल पहले आलू बेचने में शीतगृह संचालक द्वारा बेइमानी कर ली गई। इसके बाद फरवरी माह में आग में ट्रैक्टर और अन्य सामान जल गया। उसका मुआवजा नहीं मिला। इससे परेशान किसान आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। परेशान होकर उसने फांसी लगाकर जान दे दी।
सिरसागंज थाना क्षेत्र के गांव सुम्मेरपुर निवासी नंदकिशोर (32) ने शुक्रवार की रात पेड़ पर फंदा लगाकर जान दे दी। मृतक के पिता सुरेश चंद्र ने बताया कि शुक्रवार को सुबह से ही नंद किशोर बहुत परेशान था। उन्होंने बताया कि दो वर्ष पूर्व एक शीतगृह स्वामी ने उसके आलू की बिक्री में बेईमानी कर ली थी।
वहीं 7 फरवरी को उसके घेर से ऊपर से निकली हाईटेंशन लाइन में फॉल्ट होने के कारण नंदकिशोर की झोंपड़ी में आग लग गई थी। आग की चपेट में ट्रैक्टर और काफी अन्य सामान जलकर खाक हो गया था। तभी ने नंदकिशोर इस नुकसान के मुआवजा के लिए प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगा रहा था लेकिन उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई।
शुक्रवार की शाम को सुरेशचंद्र हरिद्वार के लिए निकल गए थे। रास्ते में रात करीब 11 बजे उनके पास ग्रामीणों ने सूचना दी कि पुत्र नंदकिशोर ने फंदा लगाकर जान दे ही है। इसके बाद वह रास्ते ही लौट कर गांव आ गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने बताया कि नंद किशोर विवाहित था। परिवार में पत्नी व दो बच्चे लवकुश (एक) व ईशू (2) हैं। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कर शव को जिला अस्पताल भेज दिया।
