तुलसीपुर (श्रावस्ती)। रबी के मौसम में खेतों को पानी चाहिए। वहीं सूखी नहरें किसानों की परेशानी बढ़ा रही है। जबकि इसके लिए जिम्मेदार अधिकारी ऑल इज वेल बताने में लगे हुए हैं। ऐसे में किसानों को निजी संसाधनों का सहारा लेना पड़ रहा है। जिससे उन्हें नुकसान उठाना पड़ रहा है।
गिलौला क्षेत्र के ग्राम तुलसीपुर के मजरा अडराई गांव के पास स्थित मुख्य सरयू नहर खंड नानपारा में पानी कम है। इससे रजबहे सूखे पड़े हैं। वहीं इससे निकले तुलसीपुर रजवाहा, ददौरा रजवाहा सहित अन्य रजवाहे भी सूखे हैं। ऐसे में जब धान काट कर खेतों में पलेवा करने के लिए पानी की आवश्यकता है। तब क्षेत्र के खराब नलकूप व सूखे रजबहे किसानों की परेशानी बढ़ा रहे हैं।
ऐसे में किसानों को पानी के लिए पंपिंग सेट का सहारा लेना पड़ रहा है। देखा जाए तो ददौरा रजवाहा से चौगोई, ककंधू, उत्तमापुर, पुरखीपुर, खम्भारा, हुसैनपुर हुरुहुरी, गिलौली सहित आदि गांवों के खेतों की सिंचाई की जाती है। वहीं तुलसीपुर रजबहा से तुलसीपुर, महत्वपुरवा, चन्दरखा बुजुर्ग, पिपरी, मालभैखारा, इटरौली, भिठिया चिचड़ी, रतनापुर सहित आदि गांवों खेतों की सिंचाई की जाती है।
अड़राई निवासी किसान ललन प्रसाद, प्रकाश यादव, अरविंद सेठ, मनोज वर्मा, ज्ञानेंद्र यादव का कहना है कि यदि नहर में पानी आ जाता तो खेत को पलेवा करने में आसानी होती। किसान अनोखी लाल, रामकुमार पासवान, कुलदीप सिंह, त्रिभुवन प्रसाद का कहना है कि यदि नलकूप सही हो जाए तो डीजल का पैसा बचे। ऐसे में ग्रामीणों ने सीडीओ से नहरों में पानी छुड़वाने की मांग की है।
