फतेहगढ़ स्थित सेंट्रल जेल में दुष्कर्म के आरोप में सजा काट रहे कैदी के चार दिन दिन पूर्व आत्महत्या करने के मामले में बंदी रक्षक को निलंबित कर दिया गया। प्रथम दृष्टया जांच में बंदी रक्षक की लापरवाही पाई गई है। मेरापुर थाना क्षेत्र के गांव सिलसंडा निवासी प्रभात उर्फ प्रभाकर (40) किशोरी से दुष्कर्म के मामले में 24 मार्च 2024 से सेंट्रल जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था।

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13 फरवरी को दोपहर वह जेल में दरी कारखाने के पास पुरानी खाली पड़ी बैरक में जाकर लोहे के पाइप में अंगोछे से फंदा लगाकर लटक गया था। उसे फंदे से उतारकर लोहिया अस्पताल लाया गया गया था। वहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। सेंट्रल जेल अधीक्षक आशीष तिवारी ने बताया कि कैदी के आत्महत्या के मामले में बंदी रक्षक वीरेंद्र कुमार प्रथम दृष्टया जांच में लापरवाही का दोषी पाया गया। इससे बंदी रक्षक को उन्होंने निलंबित कर दिया है।



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