दिल्ली-हावड़ा रेलवे लाइन पार करते समय बृहस्पतिवार शाम ग्राम पंचायत सदस्य समेत दो महिलाओं की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। ग्रामीण और परिजन को शव कई टुकड़े में 50 मीटर के दायरे में बिखरे पड़े मिले। हादसे के पीछे पुलिस मान रही कि महिलाएं सिर पर पल्लू ओढ़कर आती-जाती हैं। इसी वजह से महिलाएं हावड़ा की ओर जा रही यात्री ट्रेन को देख नहीं सकीं और हादसा हो गया।
थरियांव थाना क्षेत्र के एकारी गांव निवासी रामभवन रैदास व उनकी पत्नी शोभा देवी (38) ग्राम पंचायत सदस्य हैं। गांव से शोभा, श्यामकली (45) पत्नी स्व. अर्जुन पासवान समेत पांच महिलाएं रेलवे ट्रैक पार जंगल में करीब पांच बजे शाम को लकड़ी लेने गई थीं। वह शाम करीब सात बजे लकड़ियां लेकर लौट रही थीं। कानपुर से प्रयागराज की ओर जा रही ट्रेन संख्या 04109 समर स्पेशल की चपेट में आ गईं। ट्रेन के लोको पायलट की सूचना पर ट्रैक मैन संजय सिंह व रामबरन पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों की मदद से करीब 20 मिनट में शव हटवाए और ट्रैक बहाल कराया।
प्रधान के पति कमल साहू ने बताया कि ट्रैक मैन से पता लगा है कि हादसा समर स्पेशल से हुआ है। हादसे के बाद महिलाओं के साथ रहीं अन्य तीन महिलाएं गांव पहुंच गईं। मौके पर हसवा चौकी प्रभारी अरुण मौर्या पहुंचे। प्रभारी निरीक्षक राजेंद्र सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम के लिए शव भेजे गए हैं।
