
रविकरन सिंह की फाइल फोटो व नक्से के नीचे लिखा सुसाइड नोट
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फतेहपुर जिले में चकबंदी से सीएम कार्यालय तक जमीन की पैमाइश की मांग करने वाले किसान ने मंगलवार रात फंदा लगाकर जान दे दी। किसान ने 15 जून को तहसील दिवस में शिकायत की सुनवाई न होने पर आत्महत्या की चेतावनी दी थी। बुधवार को परिजनों ने डीएम को बुलाने और चकबंदी अधिकारियों पर मुकदमे की मांग करते हुए पुलिस को शव उठाने से रोक दिया। जमीन के एक नक्शे पर लिखा हुआ सुसाइड नोट भी मिला है। नोट में अधिकारियों को जिम्मेदार बताया है।
पाई गांव निवासी दरियाव सिंह ने बताया कि उसके बुजुर्ग पिता रविकरन सिंह (72) सेवानिवृत्त संग्रह चपरासी थे। वह 2012 में रिटायर हुए थे। जमीन की पैमाइश को लेकर वह कई साल से विभागों के चक्कर काट रहे थे। चकबंदी विभाग ने उनकी जमीन से रास्ता निकाला था, जबकि रोड दूसरे गाटा संख्या से निकली है। तत्कालीन चकबंदी अधिकारियों, लेखपाल, कानूनगो ने गलत तरीके से पैमाइश की थी। पिता ने अपनी जमीन पाने के लिए चकबंदी विभाग में मुकदमा किया था।