फतेहपुर। जब अपने ही विश्वासघाती हो जाए तो बेटियों को किसके भरोसे छोड़ें। समाज का ये विद्रूप रूप सामने देखने को मिल रहा है। मामा के घर बचपन से रहने वाली युवती की मौत के बाद अब यह सवाल खड़ा हुआ है। मृतका के सगे मामा, मामी और मामी के भाई पर आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज किया गया है। मृतका का पिता बोला कि उसके साथ रिश्तेदारों ने ही विश्वासघात किया है।
हुसैनगंज थाना क्षेत्र आधारपुर निवासी जगदीश सोनकर मुंबई में मजदूरी करते हैं। उनकी बड़ी बेटी शिवानी (21) बचपन से कल्यानपुर थाना क्षेत्र के मौहार निवासी मामा पुत्तन के घर पर रहती थी। वहीं, पली-बढ़ी और स्नातक किया। करीब एक साल से अपने घर में रहती थी, लेकिन उसका मौहार आना-जाना रहता था। पिता ने बताया कि बेटी को पुत्तन का सौंह गांव निवासी साला करन बाइक में बैठाकर 25 अक्तूबर को ले गया था। बेटी पर करन से शादी का दबाव बनाया गया। करन का सहयोग बेटी के मामा पुत्तन, मामी लक्ष्मी ने किया। बेटी ने शादी से मना किया और फिर इसी तनाव में बेटी ने 26 अक्तूबर को जान दी। बोले, उन्होंने अपनी बेटी को उसके मामा और मामी के भरोसे छोड़ा था। उन लोगों ने विश्वासघात किया है। उधर, मामा पुत्तन सोनकर ने बताया कि वह भांजी को बेटी की तरह मानते थे। वह अक्सर घर आती-जाती थी। घटना की शाम भांजी की करन से बातचीत हो रही थी। उन्हें करन और भांजी के बीच क्या है, इसकी जानकारी नहीं थी। भांजी घर में रुकी थी। उसने अचानक जहर खा लिया। उनका घटना के पीछे से कोई हाथ नहीं है। हुसैनगंज प्रभारी निरीक्षक राजेंद्र सिंह ने बताया कि आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।
