फतेहपुर। ललौली थाना क्षेत्र में कोटेदार के पुत्र की हत्या किसी साजिश के तहत नहीं की गई थी। पुलिस ने घटना को इत्तेफाक बताया है। घटना स्थल पर तीन दोस्तों के बीच हंसी-मजाक में लोड राइफल की छीना-झपटी हुई थी। सीओ परशुराम त्रिपाठी ने बताया कि पूछताछ में नामजद आरोपी अजय और शुभम दोषी पाए गए हैं। उन्हें जेल भेजा जाएगा।

ललौली थाना क्षेत्र के रेंय गांव के चित्तापुर निवासी कोटेदार कुसुमा देवी का पुत्र आदित्य उर्फ बबलू यादव (21) पाॅलीटेक्निक नउवाबाग में द्वितीय वर्ष का छात्र था। वह ट्रैक्टर में पुआल का भाड़ा लेकर 18 नवंबर रात दरियाबाद गांव रामकरन पासवान के खेत गया था।

रामकरन के खेत के पास संतोष सिंह का नलकूप है। नलकूप की पहली मंजिल पर गोली मारकर बबलू यादव की हत्या कर दी गई थी। मृतक के भाई अंकित उर्फ विसंभर की तहरीर पर कीर्तिखेड़ा निवासी नलकूप मालिक संतोष सिंह और उसके भाई शुभम सिंह, अजय प्रताप, मुत्तौर निवासी कोयला भट्ठी संचालक अतुल शुक्ला व दो अन्य के खिलाफ साजिश के तहत हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।

पुलिस ने संतोष, शुभम और अजय से अलग-अलग पूछताछ की। नलकूप में अजय वायरिंग का काम कर रहा था। इसके अलावा कई गवाहों से पूछताछ की। पूछताछ में साफ हुआ कि अतुल शुक्ला की राइफल नलकूप में थी। घटना से कुछ देर पहले अतुल और संतोष चले गए थे।

नलकूप की पहली मंजिल के कमरे में शुभम और अजय मौजूद थे। इनके पास बबलू यादव पहुंचा था। पहले बबलू ने शुभम व अजय पर राइफल तानी थी। हंसी-मजाक में डराने-धमकाने लगा था। शायद उसे लगा था कि राइफल लोड नहीं है। इसी वजह से एक बार ट्रिगर दबाया।

अचानक शुभम और अजय ने राइफल बबलू के हाथ से छीन ली। अजय ने बबलू की ओर राइफल तानकर गोली चला दी। गोली सीधे बबलू के माथे पर लगी और उसकी जान चली गई। पुलिस हत्याकांड में शामिल अजय प्रताप और शुभम को मंगलवार को जेल भेजने की तैयारी में जुटी है।

पुलिस के मुताबिक कोई रंजिश नहीं थी। घटनाक्रम किसी साजिश के तहत नहीं हुआ। तत्काल और इत्तेफाक से हुआ है। हत्यारोपियों के सीडीआर में भी कोई कनेक्शन नहीं मिला है।

सीओ परशुराम त्रिपाठी ने बताया कि पूछताछ में अजय और शुभम दोषी पाए गए हैं। उन्हें जेल भेजा जाएगा। बाकी दोनों नामजद आरोपियों की जांच प्रचलित है। साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई होगी।

राइफल की बैलिस्टिक जांच करने पहुंची फोरेंसिक टीम

हत्याकांड में आरोपियों के हत्थे चढ़ने और राइफल बरामदगी के बाद फोरेंसिक टीम ने जांच शुरू की है। फोरेंसिक और एसओजी ने घटनास्थल की गहनता से छानबीन की। कोटेदार पुत्र की हत्या में अतुल शुक्ला की लाइसेंसी राइफल पुलिस ने बरामद की है। फोरेंसिक टीम ने राइफल बैलिस्टिक परीक्षण जांच कर साक्ष्य जुटाए हैं। दागी गोली को कब्जे में लिया है। विधि विज्ञान प्रयोगशाला जांच नमूने भेजकर रिपोर्ट मंगाई जाएगी।

गैरइरादतन हत्या में तरमीम हो सकता मुकदमा

कोटेदार पुत्र हत्याकांड की जांच में मामला इत्तेफाकन होना सामने आ रहा है। इससे पुलिस को घटना में कहीं न कहीं गैरइरादतन हत्या के साक्ष्य मिल रहे हैं। ऐसे में पुलिस हत्या की धारा को गैरइरादतन हत्या में तरमीम कर सकती है।



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