फतेहपुर। एनआईए की शहर में धरपकड़ की खबर से पुलिस महकमे में हलचल है। खुफिया टीमें भी सक्रिय हैं। सिमी से जुड़ाव के आरोप में एनआईए द्वारा पकड़े गए लोगों के घरों की तलाश में गुरुवार को खुफिया टीमें लगी रहीं। सैयदवाड़ा, खेलदार और बाकरगंज इलाके में उठाए गए लोगों के बारे में टीमें जानकारी जुटाती रहीं।
एनआईए ने शहर के रहने वाले एक युवक को लखनऊ से पकड़ा है। उसका ताल्लुक प्रतिबंधित संगठन सिमी से होना बताया जा रहा है। युवक के संपर्क में रहने वाले शहर के पिता-पुत्र समेत तीन को एनआईए के उठाने की खबर फैली है। तीनों को सैयदवाड़ा मोहल्ले से पकड़े जाने की बात सामने आई। मामले की जानकारी जुटाने में एलआईयू, आईबी, एसआईयू की टीमें गुरुवार को सैयदवाड़ा, खेलदार और बाकरगंज तक पहुंची। पकड़े जाने वालों की टोह लेती रही। इलाकाई लोगों से टीम कोई जानकारी नहीं जुटा सकीं।
पुलिस भी छानबीन में लगी रही। पकड़े जाने वाले व्यक्ति के नाम का ही एक कर्मचारी विकास भवन में तैनात है। उस कर्मचारी के बुधवार को ड्यूटी पर नहीं होने से पुलिस ने पकड़े जाने के कयास लगाए। कर्मचारी गुरुवार को ड्यूटी पर लौट आया है। धरपकड़ में कर्मचारी का कोई वास्ता न होने की बात सामने आई।
रामपुर सीआरपीएफ कैंप में हमले की योजना में शामिल लश्कर के आतंकी सलीम को पांच साल पहले पकड़ा गया था। वह हथगाम का रहने वाला है। उसे एटीएस ने गिरफ्तार किया था। एक साल पहले सैयदवाड़ा मोहल्ले से आतंकी संगठन की गतिविधियों में लिप्त सैफउल्ला को भी एटीएस ने पकड़ा था। धर्म परिवर्तन का मास्टरमाइंड उमर गौतम को दो साल पहले पकड़ा गया था। आरोपी उमर गौतम मूल रूप से रमवां गांव का रहने वाला है। सीओ सिटी वीर सिंह ने बताया कि विकास भवन के कर्मचारी की धरपकड़ नहीं हुई है। बाकी छानबीन की जा रही है।
