– छात्र-छात्राओं की 30 प्रतिशत से कम उपस्थिति वाले स्कूल हो रहे चिह्नित

– मिडडे-मील में ज्यादा छात्र संख्या दर्जा कर स्कूलों में करते हैं गड़बड़झाला

संवाद न्यूज एजेंसी

फतेहपुर। छात्र-छात्राओं की 30 प्रतिशत से कम उपस्थिति वाले स्कूलों के शिक्षकों पर कार्रवाई की तलवार लटकी है। महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा ने बीएसए से ऐसे स्कूलों की सूची मांगी है। सोमवार से कम छात्र संख्या वाले ऐसे स्कूलों की छंटनी शुरू हो गई है।

जिले में 2122 परिषदीय स्कूल हैं। इनमें दो लाख 62 हजार छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। सभी स्कूलों में छात्रों की दोहरी उपस्थिति की व्यवस्था है। एक उपस्थिति स्कूल पहुंचने की और दूसरी उपस्थिति मध्याह्न भोजन खाने के समय दर्ज करने का प्रावधान है।

बेसिक शिक्षा विभाग का मानक स्कूलों में छात्रों की हाजिरी का 80 प्रतिशत का है, लेकिन मिडडे-मील (एमडीएम) में गड़बड़ी करने के लिए कई स्कूल वाले 90 से 95 प्रतिशत तक बच्चों की उपस्थिति दर्शाते हैं। स्कूलों के निरीक्षण में देखा जा रहा है कि ऐसे ही कई स्कूलों में 30 प्रतिशत से भी कम उपस्थिति मिल रही है।

दो महीने पहले बीएसए के निरीक्षण में उच्च प्राथमिक स्कूल बड़नपुर में स्कूल 44 बच्चे उपस्थित थे, लेकिन एमडीएम खाने वाले बच्चों की संख्या 84 दर्ज थी। ऐसे में 30 प्रतिशत से कम छात्र उपस्थिति वाले स्कूल मिलना मुश्किल है, लेकिन फिर भी विभाग का मानना है कि 100 से अधिक स्कूल कम उपस्थिति वाले चिह्नित होंगे।

इन स्कूल के शिक्षकों पर क्या कार्रवाई होती, यह अभी तक तय नहीं है। महानिदेशक स्कूल शिक्षा का आदेश जारी होते ही बेसिक शिक्षा विभाग ऐसे स्कूलों की छंटनी में जुट गया है। उधर, कार्रवाई की भनक लगते ही शिक्षकों में खलबली मची है। बीएसए पंकज यादव ने बताया कि 30 प्रतिशत से कम छात्र उपस्थिति वाले स्कूलों की सूची महानिदेशक ने मांगी है।



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