फोटो-24-डेंगू वार्ड में भर्ती मरीजों में सिर्फ एक ने लगा रखी है मच्छरदानी। संवाद
– डेंगू वार्ड में अन्य मरीजों को भी किया गया भर्ती
संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहपुर। जिला अस्पताल में ही डेंगू मरीजों के उपचार में बरतने वाले एहतियात को पूरा नहीं किया जा रहा है। आलम यह है कि डेंगू मरीज बिना मच्छरदानी के लिए ही बेड पर लेट हैं। इतना ही नहीं डेंगू मरीजों के साथ वायरल और अन्य मरीजों को भी उसी वार्ड में भर्ती कर दिया गया है। इससे डेंगू का खतरा बढ़ा है।
जिला अस्पताल में डेंगू के दो वार्ड बनाए गए हैं। इसमें एक वार्ड में तीन मरीज संभावित डेंगू के हैं और दो मरीज अन्य बीमारी के भर्ती है। इसमें डेंगू के दो मरीजों ने मच्छरदानी नहीं लगाई है। इन्हें हिदायत और डेंगू के खतरे को रोकने के लिए मच्छरदानी लगाने के लिए मौजूद स्टॉफ जोर भी नहीं देता है। इससे भर्ती अन्य मरीजों में डेंगू की चपेट में आने का खतरा बढ़ गया है। हालांकि इसी वार्ड में एक डेंगू मरीज ने पूरी एहतियात बरतते हुए मच्छरदानी भी लगा रखी है। प्रभारी सीएमएस राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि डेंगू के स्पेशल वार्ड बनाए गए हैं। डेंगू से संबंधित मरीजों को वहीं भर्ती किया जाता है। उन्हें समुचित उपचार दिया जा रहा है।
गांव-गांव फैली गंदगी, जिम्मेदार बेखबर
धाता। ब्लाक के रसूलपुर साहित अधिकांश गांवों में सफाई न होने के कारण गंदगी का अंबार है और इसी गंदगी के कारण गांवों में डेंगू, चिकनगुनिया जैसी बीमारियां पांव पसार रही है। रसूलपुर गांव में शनिवार को ब्लॉक की ओर से एक भी कर्मचारी नहीं पहुंचा और न ही टीम लगाकर सफाई कराने का प्रयास किया गया। बीडीओ धाता अजय कुमार तिवारी बताया कि सफाई के लिए निर्देश दिए गए हैं। सीएचसी धाता प्रभारी राघवेंद्र सिंह ने बताया कि रसूलपुर गांव में स्वास्थ्य टीम ने मरीजों की जांच कर दवा व उचित परामर्श दिया है और बुखार से पीड़ित लोगों को अस्पताल पहुंचकर खून की जांच कराने को कहा गया है।
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