फतेहपुर। अब शहर के परिषदीय विद्यालय हाईटेक करने की तैयारी है। नीति आयोग और पॉवर ग्रिड मिलकर करीब दो करोड़ की धनराशि से नगरीय स्कूलों के भवन का कायाकल्प के साथ संसाधनों से संतृप्त करने की योजना तैयार है।

ग्रामीण क्षेत्र के परिषदीय स्कूलों का कायाकल्प लगभग पूर्ण होने के बाद अब नगरीय क्षेत्र के स्कूलों के अच्छे दिन शुरू होने वाले हैं। नगरीय क्षेत्र के कुल 43 परिषदीय विद्यालयों की दशा में सुधार के लिए नीति आयोग ने 48 लाख की धनराशि स्वीकृत की है। इसके अलावा पॉवर ग्रिड ने इन स्कूलों की दशा में सुधार के लिए डेढ़ करोड़ की धनराशि स्वीकृत की है। इस तरह से नगरीय क्षेत्र के कुल 43 परिषदीय विद्यालयों के कायाकल्प के साथ संसाधनों से संतृप्त किए जाएंगे।

बीएसए पंकज यादव का कहना है कि नीति आयोग और पावर ग्रिड से नगरीय क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों के कायाकल्प के लिए बजट स्वीकृत है। अभी बजट मिला नहीं है। जल्द ही बजट मिलने की संभावना है। वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक नगर क्षेत्र के सभी परिषदीय स्कूल संसाधनों से संतृप्त हो जाएंगे। शिक्षकों की कमी पूरा करने के लिए शासन को बराबर लिखा जा रहा है।

भवन की टूट फूट मरम्मत, टायलीकरण, दरवाजे खिड़कियों की मरम्मत, रंगाई पुताई, फर्नीचर, लाइब्रेरी, लैब, बालक, बालिका और दिव्यांग शौचालय, रनिंग वाटर, सबमर्सिबल, पानी की टंकी आदि।

नगर क्षेत्र में 218 के सापेक्ष सिर्फ 38 शिक्षक हैं। 18 विद्यालयों को शिक्षक का इंतजार है। आरटीआई के मानक के तहत स्कूलों में 30 छात्र संख्या पर एक शिक्षक की नियुक्ति का प्रावधान है। इसके सापेक्ष नगर क्षेत्र के स्कूलों में 2011 के बाद से शिक्षकों की तैनाती न होने से 80 प्रतिशत पद खाली हो चुके हैं। एक ही शिक्षक अंग्रेजी, गणित, सामाजिक विषय समेत सभी विषय पढ़ा रहा है। एमडीएम बनवाने, डीबीटी पोर्टल में अभिभावकों के खाते में रुपये ट्रांसफर करवाने के साथ हाउस होल्ड सर्वे की भी जिम्मेदारी है। फतेहपुर नगर क्षेत्र के 37 स्कूलों के 5929 बच्चों के पढ़ाने के लिए सिर्फ 38 शिक्षकों की व्यवस्था है। बिंदकी नगर में छह स्कूलों के 633 बच्चों को पढ़ाने के लिए एक भी शिक्षक नहीं है।



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