संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहपुर। जिले में भी प्रदूषण का खतरा बढ़ रहा है। वायुमंडल में धुंध छाई हुई है। मंगलवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स सुबह के वक्त खराब था। इसकी बड़ी वजह हवा की गति का धीमा होने के साथ पराली का जलना है। ये स्थिति आगे भी रहने के आसार है। डॉक्टर ने लोगों को स्वास्थ्य के प्रति सावधानी बरतने की सलाह दी है।
वायुमंडल में धुंध छाने में तापमान और हवा का बड़ा असर होता है। इन दिनों अधिकतम और न्यूनतम तापमान स्थिर है। मौसम विशेषज्ञ डॉ. वसीन खान के अनुसार अधिकतम तापमान 31 से 33 सेल्सियस और न्यूनतम 14 से 16 के बीच है। ये स्थिति पिछले दो सप्ताह से बनी है। इस वजह से सुबह और रात को गुलाबी ठंड पड़ रही है और गर्मा हवा ऊपर नहीं उठ पा रही हैं। वहीं हवा की गति पांच किमी प्रति घंटा है। ये बहुत धीमी है। इस वजह से प्रदूषण एक जगह इकट्ठा हो जा रहा है और आसमान व जमीन के बीच धुंध के रूप में जगह-जगह देखा जा रहा है। धान कटने के बाद से पराली जलाने का सिलसिला भी जारी है। इससे वायुमंडल में प्रदूषण में अचानक तेजी से बढ़ोतरी हुई है। मंगलवार सुबह एयर क्वालिटी इंडेक्स 198 के करीब था, जो दोपहर होते-होते 167 तक पहुंच गया। मौसम विभाग के अनुसार हवा की गति 10 किमी प्रति घंटा से अधिक होगी और तापमान में गिरावट दर्ज होगी। दिसंबर में वायुमंडल में सुधार होने के आसार है।
मानक है 50 से 100
विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानकों के अनुसार सांस लेने के लिए सबसे शुद्ध वायु शून्य से 50 अंक तक और संतोषजनक वायु 51 से लेकर 100 अंक के बीच मानी जाती है। इससे ऊपर 200 एक्यूआई से लेकर 300 तक खराब, 300 से लेकर 400 अंक तक बहुत खराब और 400 से लेकर 500 अंक तक अत्यधिक खतरनाक (सीवियर) माना जाता है।
इन बातों का रखें ध्यान
डॉ. केके पांडेय ने बताया कि बच्चे, बुजुर्ग, दिल और दमा के मरीज बाहर निकलने से बचें। मास्क पहनकर बाहर निकलें। आंखों में चश्मा लगाए। बाहर से घर पहुंचने पर हाथ और खुले शरीर को अच्छी तरह से धुलें। आंखों में पानी डालकर अच्छी तरह धुलें।
पराली जलाने में 30 लोगों पर जुर्माना
फतेहपुर। पराली जलाने के मामले में अब तक 30 लोगों पर जुर्माना लगाया गया है। तीन दिन पहले ही नेशनल हाईवे स्थित सेनीपुर मार्ग पर दिन में ही एक बड़े क्षेत्र में पराली जलाने से पूरे वायुमंडल में धुआं छा गया। इसकी भनक तक अधिकारियों को नहीं लगी। ऐसा ही मामले विकासखंड भिटौरा के गांव बसोहनी व कमरबंदपुर, विकासखंड खजुहा कोरवा गुलाबपुर, ब्लाक बहुआ, मलवां सहित अन्य गांव में भी सामने आए। इन मामलों में पराली जलाने पर कार्रवाई नहीं करने पर कई सचिवों को कारण बताओ नोटिस भेजा गया। (संवाद)
