फतेहपुर/अमौली। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान जहानाबाद को अमौली बुढ़वा में बनकर तैयार हुए निजी भवन में शिफ्ट करने की तैयारी शुरू हो गई है। कार्यदायी संस्था ने नवनिर्मित भवन विभाग को हस्तांतरित कर दिया है। नोडल आईटीआई फतेहपुर के हाॅस्टल में 15 साल से संचालित जहानाबाद आईटीआई को अब मूल स्थान में जल्द ही शिफ्ट किया जाएगा। सामग्री नए भवन में शिफ्ट करने के लिए ट्रांसपोर्ट व्यय के लिए शासन से बजट की मांग की गई है।
साल 2009 में 3.50 करोड़ की लागत से जहानाबाद आईटीआई का भवन का बुढ़वा में बनना शुरू हुआ था। दो साल में आधा-अधूरा काम हुआ और इसके बाद निर्माण कार्य भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया। उच्चस्तरीय जांच में मानक विहीन काम पाए जाने पर अर्ध निर्मित भवन को निस्प्रयोज्य घोषित कर दिया गया था। मार्च 2017 में पूर्व कारागार मंत्री जयकुमार सिंह जैकी ने प्रयास करके फिर से 6.45 करोड़ की धनराशि स्वीकृत कराई।
2020 तक भवन बनकर तैयार होना था, जो 2023 में बनकर पूरा हुआ। कार्यदायी संस्था ने नवनिर्मित भवन विभाग को हस्तांतरित कर दिया है। नोडल प्रधानाचार्य शैलेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि अक्तूबर से बुढवा अमौली में जहानाबाद आईटीआई संचालित करने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। अगर बजट मिलता है, तो निश्चित ही जहानाबाद आईटीआई स्वीकृत स्थल पर शिफ्ट हो जाएगी।
इनसेट
जलापूर्ति की नहीं है व्यवस्था
आईटीआई के नवनिर्मित भवन में अभी तक जलापूर्ति की व्यवस्था नहीं है। केवल सबमर्सिबल लगा है। छत में पानी की टंकी नहीं रखी है। शौचालय आदि में जलापूर्ति के लिए वाटर लाइन नहीं है। अगर आईटीआई शिफ्ट होती है, तो चालू सत्र में पंजीकृत 396 प्रशिक्षार्थियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
