फोटो 14- अग्निशमन विभाग का सदर कार्यालय

फोटो 15- सीएफओ उमेश गौतम

– हाल में हरदोई-मेरठ में हुए हादसों के बाद भी रोकथाम के लिए प्रशासन नहीं हुआ सक्रिय

संवाद न्यूज एजेंसी

फतेहपुर। दिवाली पर पटाखा निर्माता सक्रिय हो गए हैं। लाइसेंस धारकों के अलावा बड़ी संख्या में अवैध रूप से पटाखे बनाने का सिलसिल शुरू है। पटाखा निर्माता चोरी-छिपे निर्माण में जुटे हैं। सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर अवैध रूप से विस्फोटक सामग्री का भंडारण भी किया जा रहा है। पुलिस-प्रशासन और फायर विभाग की ओर से फिलहाल कोई कार्रवाई शुरू नहीं हो सकी है। हर साल कहीं न कहीं विभागीय शिथिलता हादसों की वजह बनती है। बारूद से होने वाले धमाकों में लोगों की जान तक चली जाती है।

हरदोई जिले के गोपामऊ में 25 अक्तूबर को पटाखा निर्माण के दौरान विस्फोट में एक किशोर हो गई। कई लोगों की घायल होने से हालत नाजुक बनी है। इसी तरह मेरठ जिले में अवैध पटाखा फैक्टरी में विस्फोट से पांच लोगों की मौत हो गई। हादसों के बाद भी जिला प्रशासन चौकन्ना नहीं हुआ है। जबकि सिर पर त्योहार आ चुका है।

सदर तहसील में पटाखा निर्माण और विक्रेताओं के 41, बिंदकी में 20 और खागा में 29 लाइसेंस हैं। त्योहार से पहले वैध और अवैध रूप से क्षमता से कई गुना बारूद और अन्य विस्फोटक सामग्री इकट्ठा कर रखी है। इससे कहीं भी हादसा होने का खतरा बना हुआ है। कई स्थानों पर आबादी के बीच कोठरी में निर्माण हो रहा है।

निर्माण स्थलों पर अग्निशमन संबंधी इंतजाम भी नहीं हैं। जिले में सभी लाइसेंसी निर्माताओं को 15 किलो बारूद रखने की अनुमति है। निर्माण स्थलों पर लापरवाही बरते जाने से हर साल होते हैं। इसके बाद विभाग सक्रिय होते हैं।

इनसेट

पटाखा निर्माण के लिए मानक

लाइसेंसी पटाखा निर्माताओं के लिए 15 किलो बारूद व अन्य विस्फोटक सामग्री रखनी चाहिए। जिससे 25 किलो पटाखों का निर्माण हो सके। इसके अलावा निर्माण स्थल आबादी से 50 मीटर दूर होना चाहिए। 15 मीटर तक स्कूल, हॉस्पिटल, बड़ी इमारत व कोई कार्यस्थल न हो। निर्माण स्थल की पक्की छत व नौ से 25 वर्ग मीटर चौड़ाई होनी चाहिए। बेसमेंट नहीं होना चाहिए। साथ ही आग बुझाने के उपकरणों में दो अग्निशमन यंत्र, दो पानी भरे ड्रम, फायर बकेट, 100 घनमीटर बालू, निर्माणस्थल की चौहद्दी पर हेल्पलाइन नंबर दर्ज हों। आसपास एचटी लाइन न हो, सुरक्षा के लिहाज से ऐसी जगह होनी चाहिए जहां चोरी की आशंका कम हो।

इनसेट

बीते सालों में हुए हादसे

14 अक्तूबर 2022 को हसवा में पटाखा निर्माण के लिए जुटाई सामग्री में विस्फोट। 24 अक्तूबर 2021 को हथगाम थाने के छिवलहा देवदासपुर रोड पर निर्माण स्थल पर विस्फोट में लाइसेंसी की पत्नी कनीजा की मौत हो गई थी। दो लोग झुलस गए थे। अक्तूबर 2021 बिंदकी कोतवाली क्षेत्र में पटाखा निर्माण स्थल पर धमाका। 12 नवंबर 2020 को मसवानी मोहल्ले में सूरज शुक्ला की पटाखों के धमाके से हुई थी मौत। 12 नवंबर 2020 हथगाम के अमलिहापाल गांव में अवधेश का पटाखा धमाके से हाथ उड़ा था। 2018 नवंबर में आबूनगर के बाइक सवार युवक की पहाड़ीपुर से पटाखों भरा झोला लेकर आते समय रास्ते में धमाके से हुई थी मौत। बाइक भी उड़ गई थी।

कोट्स

डीजी फायर के आदेश पर पटाखा निर्माताओं को दिशा-निर्देश दिए गए हैं। कुछ निर्माताओं के मानक अनुरूप निर्माण स्थल न होने का पता लगा है। मानक पूरे न होने पर लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी। अवैध पटाखा निर्माण की सूचना पर दबिश देकर पकड़ा जाएगा। उमेश गौतम-सीएफओ



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अभी अभी की खबरें