फतेहपुर। नौ माह बीत गए लेकिन परिवहन विभाग जिले में स्क्रैप सेंटर शुरू नहीं करा सका। इस कारण 15 साल पुराने जिले के करीब छह सौ पुराने सरकारी वाहन अब तक निष्पादन (स्क्रैप) नहीं हुए। वहीं मार्च तक तीन माह के भीतर विभाग को अब सभी सरकारी कंडम वाहनों को खात्मे की प्रक्रिया पूरी करनी है। ये काम विभाग के लिए चुनौती है।
एक अप्रैल से परिवहन मुुख्यालय ने जिले के 15 साल पुराने सरकारी वाहनों को कंडम घोषित कर उन्हें स्क्रैप करने का निर्देश दिया था। सरकारी वाहनों की स्क्रैपिंग कराने के लिए परिवहन मुख्यालय की ओर से बकायदा दिशा निर्देश जारी हुए थे। वाहनों की स्क्रैपिंग के लिए जिले में पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट प्रापर्टी) मोड के तहत स्क्रैप सेंटर खोलने का निर्देश भी जारी हुआ। सेंटर में ही सभी वाहनों को स्क्रैप करना था।
विभाग का कहना है कि स्क्रैप सेंटर के लिए प्रचार-प्रसार किया गया लेकिन किसी ने अब तक आवेदन नहीं किया। जबकि अब मार्च तक सभी सरकारी वाहनों को स्क्रैप करना है। वहीं कुछ वाहनों का संचालन भी सड़काें पर हो रहा है। हालांकि अब परिवहन विभाग संबंधित विभागों को नोटिस भेज रहा है। उन विभागों से कंडम वाहनों की सूचना आने के बाद आगे की प्रक्रिया होगी।
स्क्रैप सेंटर के लिए अब तक कोई आवेदन नहीं आया। कंडम सरकारी वाहनों को अन्य जिलों में बने स्क्रैप सेंटर के माध्यम से स्क्रैप कराया जाएगा। सभी विभागों से उनके कंडम वाहनों की सूचना मांगी गई है। – लक्ष्मीकांत, एआरटीओ प्रवर्तन, फतेहपुर।
