औंग। देवमई ब्लॉक के छिवली गांव के 100 परिवार दूषित पानी पी रहे हैं। तीन माह से टंकी से पानी की आपूर्ति बाधित है। ऐसे में ग्रामीण हैंडपंप और सबमर्सिबल से निकल रहे पीले, गंदे पानी का उपयोग कर रहे हैं। गांव की आबादी 1800 है। चौडगरा से लेकर जिले की सीमा छिवली तक भूगर्भ जल दूषित हो गया है। लगभग 20 गांवों का पानी खराब होने से क्षेत्र डार्क जोन में तब्दील हो रहा है। यहां के पानी का मुद्दा न्यायालय तक पहुंच चुका है।

छिवली गांव में घर-घर पानी आपूर्ति के लिए पानी टंकी बनवाई गई। घरों तक नल भी लगाए गए। लेकिन ये सप्लाई कुछ दिनों तक ही चली। अब तक 12 से अधिक बार पाइप लाइन टूट चुकी है। तीन महीने पहले भी जर्जर पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। जल निगम ने पाइप लाइन मरम्मत का कार्य अब तक नहीं कराया है। ऐसे में लोग के सामने हैंडपंप व अन्य भूगर्भ स्रोत का दूषित और गंदा पानी पीना मजबूरी है। ग्राम प्रधान रिचा यादव ने बताया निजी खर्चे से 10 बार वाटर लाइन को ठीक कराया है। ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए मजदूर लगाकर ठीक कराएंगी। आए दिन वाटर लाइन फट जाती है। जल निगम शिकायत के बाद देखने तक नहीं आता है।

लोगों की बात

फोटो-03-जगत नारायण बाजपेई

जगत नारायण बाजपेई ने बताया तीन महीने से पानी की सप्लाई न आने से गंदा पानी पीकर गुजारा करना पड़ रहा है। प्रशासन गांव के लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है।

फोटो04- समरजीत सिंह परिहार

समरजीत सिंह परिहार ने कहा कि गांव में टंकी से पानी न आने के कारण लोग गंदा पानी पीकर टायफायड, चिकुनगुनिया व डेंगू जैसी बीमारियों से लोग ग्रसित हो रहे हैं।

फोटो05-शिवम गुप्ता

शिवम गुप्ता ने बताया कि गांव में तीन माह से पानी न आने के कारण 500 मीटर दूर से पानी लाना पड़ता है। गांव का पानी दूषित होने के कारण घर में लोग बीमार पड़ रहे हैं।

फोटो-06-आशीष चौहान

आशीष चौहान ने कहा कि गांव में शुद्ध पेयजल के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है। गांव में पेयजल की समस्या होने के कारण हरा और गंदा पानी पीकर जीवन यापन करना मजबूरी बन गई है।



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