अल्लीपुर। मलवां थाना क्षेत्र के सौंरा औद्योगिक क्षेत्र स्थित श्रीराम इंडस्ट्रीज फैक्टरी में शुक्रवार शाम ब्वॉयलर का ढक्कन खुलने से काम कर रहे पांच मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए। जिला अस्पताल से मजदूरों की हालत गंभीर देखकर डाक्टर ने हैलट रेफर कर दिया। मौके पर सीएफओ और थाना पुलिस पहुंची है।
सौंरा स्थित फैक्टरी में टायरों को ब्वाॅयलर में गलाने का काम किया जाता है। फैक्टरी दिल्ली के राहुल मंगला की है। मैनेजर भोलानाथ त्रिपाठी हैं। फैक्टरी कर्मी मजदूरों ने बताया कि ब्वॉयलर में टायर गलाने को डाले गए थे। टायरों से तार, तेल और कार्बन निकाला जाता है। अचानक ब्वॉयलर का ढक्कन खुल गया। आग का झोंका गोले की तरह ब्वाॅयलर से निकला। हादसे में मौके पर मौजूद फिरोजाबाद जिले के बसई मढ़वा निवासी संतराम(43), प्रेमचंद्र (45), मटसेना थाने के मिश्री निवासी कप्तान (25), सिंघी नगला बुड्ढा कोरा निवासी बलराम (45), आगरा जिला फतेहाबाद थाने के ईधोन निवासी कूपलपाल (28) झुलस गए। समबर्सिबल पंप चलाकर आग पर काबू पाया गया। मैनेजर झुलसे लोगों को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां डाक्टर ने हालत गंभीर देखकर कानपुर रेफर किया। सीएफओ उमेश गौतम और थानाध्यक्ष मुकेश सिंह मौके पर पहुंचे। सीएफओ ने बताया कि हादसा ढक्कन खुलने से हुआ है। करीब दो से 250 डिग्री सेल्सियस तापमान में ढक्कन खुला होगा।
औद्योगिक क्षेत्र सौंरा में फैक्टरी संचालक नियमों को ताक पर रखे हुए हैं। ब्वॉयलर से मजदूरों के झुलसने के हादसे के बाद फैक्टरी प्रशासन की बड़ी चूक सामने आई है। फैक्टरी दमकल विभाग से एनओसी लिए बिना ही संचालित हो रही थी।
सीएफओ उमेश गौतम ने बताया कि फैक्टरी की ओर से करीब दो साल पहले एनओसी के लिए आवेदन किया गया था। फैक्टरी संचालक को मानक पूरे करने के निर्देश दिए गए थे। मानक न पूरे होने पर एनओसी जारी नहीं की गई। अब फैक्टरी को नोटिस जारी की जाएगी। फैक्टरी में आग बुझाने का कोई इंतजाम नहीं मिला है। मजदूरों ने बताया कि काम के समय उन्हें कोई सुरक्षा संबंधी उपकरण उपलब्ध नहीं कराए जाते हैं। सेफ्टी ग्लब्स, हेलमेट, जूते तक नहीं हैं। बताया जा रहा है कि मालिक ने क्षेत्र में कई फैक्टरियां संचालित कर रखी हैं।
