फतेहपुर। जिले में निचली गंगा नहरों की सिल्ट-सफाई का कार्य बजट आने से पहले शुरू हो गया। विभाग 100 किमी तक की नहरों की सफाई का दावा कर रहा है। जिसमें 55 माइनर और दो रजबहों की सफाई होने का जिक्र है। विभाग को अब तक पूरा बजट आवंटित नहीं हुआ है।
फतेहपुर प्रखंड निचली गंगा नहर के अंतर्गत जिले के अंदर और कानपुर व कौशांबी सीमा से सटे कुल 124 माइनर और 20 रजबहे हैं। जिनकी लंबाई करीब 434 किमी है। 19 अक्तूबर को सभी नहरों की सिल्ट-सफाई कराने के लिए विभाग की ओर से टेंडर उठाए गए थे। नहरों की सफाई 1.16 करोड़ रुपये से होनी है। लेकिन विभाग को अब तक पूर्ण बजट नहीं मिला।
वहीं कागजों में नहरों की सफाई शुरू हो गई। विभाग की तरफ से मिले आंकड़ों के अनुसार, फतेहपुर के दो रजबहों में 6.200 किमी की सफाई हो गई। कानुपर सीमा से सटे पांच, कौशांबी से सटे 10 और फतेहपुर के 40 माइनरों की सफाई होने का जिक्र है। इसमें एक-दो नहरों की सफाई का काम कुछ दूरी तक करके खानापूर्ति कर दी गई है।
निचली गंगा नहर के अधिशासी अभियंता जेपी वर्मा ने बताया कि शासन की तरफ से 30 प्रतिशत बजट मिला है। उसी के हिसाब से नहरों की सिल्ट-सफाई का कार्य कराया जा रहा है। आगामी दिनों में शेष बजट मिलने की उम्मीद है। इसके बाद सिल्ट-सफाई का कार्य में तेजी से होगा।
