औंग। बाढ़ के पानी से घिरे बिंदकी फार्म गांव के 50 बच्चों की पढ़ाई रुक गई है। गंगा और पांडु नदी के पानी से शिक्षक स्कूल नहीं पहुंच पा रहे हैं। प्राथमिक विद्यालय बिंदकी फॉर्म में ताला बंद है। गांव के स्कूल में 30 बच्चे पढ़ने जाते हैं। शिक्षकों के न आने से इन बच्चों की पढ़ाई थम गई है।
विद्यालय के शिक्षक रवि शंकर मिश्रा ऊर सहायक अर्चना सदनहा गांव में आकर रुक जाते हैं। गांव के 10 बच्चे जूनियर हाईस्कूल बड़ाखेड़ा पढ़ने जाते थे, जो अब बाढ़ की वजह से नहीं जा पा रहे हैं। कॉन्वेंट और उच्च शिक्षा के लिए 10 बच्चे औंग जाते हैं। उन्हें भी बाढ़ ने घरों में कैद कर रखा है। गांव के ग्रामीण दिनेश, नंदकिशोर, राम आसरे, महावीर, अनूप निषाद, राजू निषाद ने उप जिलाधिकारी बिंदकी से सदनहा से गांव तक पहुंचने के लिए नाव लगाने की मांग की है। जिससे शिक्षक विद्यालय आ सकें। गांव के लोग भी आवश्यकता के लिए बाहर जा सकें। मालूम हो कि ये समस्या हर साल होती है। बच्चे बाढ़ के दौरान एक महीने तक स्कूल का मुंह नहीं देख पाते हैं। उनकी पढ़ाई पूरी तरह बाधित रहती है।
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गर्भवती महिलाएं, दिव्यांग, बीमारों की हो रही मॉनिटरिंग
प्राथमिकता के आधार पर तीन गांव में नौ गर्भवती महिलाएं हैं। इनकी आशा बहू और लेखपाल की संयुक्त टीम मॉनिटरिंग कर रही है। दिव्यांग, बीमार, वृद्ध व्यक्तियों की भी सूची तैयार की जा रही है। गांव के अंदर बाढ़ का पानी घुसने से पहले गर्भवती महिलाओं, बीमार व वृद्धजनों को ऊंचाई वाले क्षेत्र में पंचायत भवन या सार्वजनिक भवनों में विस्थापित किया जाएगा। इनकी देखरेख स्वास्थ्य विभाग, आशा बहू, आंगनबाड़ी कर्मचारी और स्थानीय नर्स करेंगी।
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