फोटो-19-खागा में शिकायतें सुनते सीडीओ सूरज पटेल
फोटो-20-राधेलाल
फोटो-21-मोहन लाल
फोटो-22-शिव देवी
-दो मंजिला इमारत वाले को दिलाया आवास
-सम्पूर्ण समाधान दिवस पर उमड़े फरियादी
संवाद न्यूज एजेंसी
खागा। तीन बार विधिवत जांच के बाद आवास आवंटन की लाभार्थी बनी एक महिला के खाते में जब पैसा आया, तो जिम्मेदारों ने यह पैसा वापस ले लिया। महिला को बताया गया कि यह पैसा दूसरे व्यक्ति का है, जिसे आवास आवंटन हुआ है। महिला का आरोप है कि जिस व्यक्ति का नाम बताकर उसका पैसा ले लिया गया, उसके पास पहले से दो मंजिला मकान बना हुआ है। प्रकरण की शिकायत सम्पूर्ण समाधान दिवस में हुई है।
अक्टूबर महीने के तीसरे शनिवार को खागा तहसील में सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन हुआ। इसमें डीएम सी. इंदुमती सहित अन्य जनपद स्तरीय अफसरों को आना था। आयोजन में डीएम की जगह सीडीओ सूरज पटेल की अध्यक्षता में यह आयोजन किया गया। डीएम की सूचना पर दस बजे से ही फरियादियों की भीड़ पहुंची। इसमें ऐरायां ब्लॉक के बरकतपुर गांव की रहने वाली शिवदेवी पत्नी नरेंद्र सिंह ने बताया कि तीन बार जांच के बाद प्रशासन द्वारा उसे आवास का आवंटन किया गया था। इसकी पहली किस्त के रूप में उसके खाते में 40 हजार रुपए आए।
आरोप है कि चार महीने पहले भेजी गई रकम को यहां के प्रधान व सेक्रेटरी ने यह कहकर ले लिया कि यह पैसा दूसरे लाभार्थी का है। जबकि दूसरी किस्त के रूप में 70 हजार रुपए उसे प्राप्त हुए। उसने 30 हजार रुपए खाते से निकाल लिए तो प्रधान व सेक्रेटरी ने खाते को लॉक करा दिया और कहा कि यह पैसा उसके आवास का नहीं है। जब उसने पता किया कि तो जिस व्यक्ति को यह पैसा देने की बात सामने आई, उसके पास से पहले से दो मंजिला मकान, नलकूप, जेसीबी मौजूद है। उसने जांच कर पैसा वापस दिलाए जाने की मांग की है।
इस मामले पर सीडीओ ने तत्काल जांच कर उचित कार्रवाई का निर्देश अधिकारियों को दिया। इसी क्रम में धाता ब्लॉक के अढ़ैया गांव निवासी मोहन लाल ने बताया कि गांव में पड़ी शत्रु सम्पत्ति पर कुछ लोगों ने कब्जा कर उस पर मदरसा संचालन शुरू कर दिया है। गलत तरीके से जमीन पर हुए कब्जे की शिकायत पर विपक्षी उसे धमकाते हैं, जिस पर राजस्वकर्मी भी कुछ नहीं कर रहे हैं।
वहीं खखरेरू क्षेत्र के रतनपुर गांव निवासी राधेलाल ने बताया कि गांव में इमारती लकड़ी के नाम दर्ज भूमि पर बड़े स्तर पर कब्जा किया जा रहा है, जिस पर प्रशासन गंभीर नहीं है। आयोजन में कुल 147 शिकायतें पंजीकृत की गई। इसमें 16 का निस्तारण हुआ और अन्य 131 शिकायतों को सम्बन्धित विभागों को सौंप दिया गया।
