– इन्वेस्टर्स समिट में रायबरेली रेल कोच फैक्टरी की सहायक (एंसिलरी) फैक्टिरियां खोलने पर बनी थी सहमति
– कारखाना लगाने के लिए उद्यमियों को मलवां क्षेत्र में है जमीन की तलाश
संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहपुर। इन्वेस्टर्स समिट-2023 के बाद जिले में नए उद्यम लगाने को लेकर प्रयास जारी है। इसके तहत रायबरेली रेल कोच फैक्टरी के कलपुर्जे बनाने के लिए सहायक (एंसिलरी) फैक्टरी भी लगनी हैं, लेकिन जमीन उपलब्ध न होने से योजना गति नहीं पकड़ पा रही है। उद्यमियों को जमीन की पांच साल बाद भी तलाश है। वे मलवां औद्योगिक क्षेत्र स्थित रेल लाइन के पास जमीन मांग रहे हैं। उन्हें जमीन उपलब्ध करा दी जाए तो जिले में रेल कारखाना लगने की उम्मीद है।
जिले में रेलवे के बोगियों के कलपुर्जे से जुड़े उद्योग स्थापित करने को लेकर वर्ष 2018 से जमकर जोर आजमाइश हुई। अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधियों की बैठकों का दौर चला। फर्म एबीए इन्फोटेक पार्क लखनऊ को जमीन खरीदी से लेकर रेल कोच फैक्टरी के निर्माण के लिए अधिकृत किया गया।
एबीए इन्फोटेक ने डीएम व सांसद को सरैला में जमीन की उपलब्धता का प्रस्ताव दिया। सरैला गांव के ग्रामीणों ने कम दामों पर जमीन खरीदने का आरोप लगाते हुए उग्र प्रदर्शन किया। मामले की डीएम से शिकायत हुई और काम बंद करा दिया गया। इसके बाद कुटिया गुनीर गांव के पास फैक्टरी के लिए जमीन चिह्नित की गई, लेकिन यहां पर भी बात नहीं बनी।
उद्यमियों को एंसिलरी यूनिट लगाने के लिए सबसे उपयुक्त जमीन मलवां के पास लग रही है। यहां से मलवां रेलवे स्टेशन की दूरी साढ़े तीन किलोमीटर व हाईवे सात किलोमीटर है। इसके साथ ही 33 और 11 केवीए की बिजली लाइन भी है। उद्यमी इस क्षेत्र में ही कारखाना लगाने में रूचि दिखा रहे हैं। उन्हें यहां लगभग 100 बीघे जमीन की तलाश है।
स्थानीय स्तर पर तैयार करना था रेलवे पार्क का मूलभूत ढांचा
रेल कलपुर्जे के लिए जमीन की उपलब्धता से लेकर चहारदीवारी, पेयजल, लाइट, ड्रेनेज समेत जरूरी सुविधाएं स्थानीय स्तर पर तैयार करनी थीं। इसके लिए सिंगल विंडो की जिम्मेदारी डीएम को सौंपी गई। इसके लिए दो-तीन प्रस्ताव भी आ चुके थे। इसे भी जिला प्रशासन को भेजा गया, लेकिन पांच साल बीत जाने के बाद भी आज तक जमीन की उपलब्धता नहीं कराई जा सकी है।
वर्जन
किन्हीं कारणों से कारखाना का काम अटका हुआ है। हम लगातार प्रयास कर रहे हैं। कई सुझाव भी दिए हैं। धरातल में आने के बाद ही कुछ कहना उचित होगा। जिले में उद्योग स्थापित कराना भी हमारी प्राथमिकता में शामिल है। इस दिशा में लगातार काम कर रहे हैं। – साध्वी निरंजन ज्योति, केंद्रीय राज्य मंत्री
