फतेहपुर। जिला पंचायतराज अधिकारी उपेंद्र राज सिंह ने ग्राम सभाओं के विकास में खराब प्रदर्शन करने वाले सात पंचायत सचिवों का नवंबर महीने का वेतन रोक दिया। वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हुई समीक्षा बैठक में एक साल से बजट डंप होने के बावजूद निर्धारित काम न कराने के लिए सभी ग्राम प्रधानों से स्पष्टीकरण मांगा है। प्रधानों को 15 दिन में काम पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए हैं।

वित्तीय वर्ष 2022-23 एवं 2023-24 में चयनित में 61 माॅडल ग्राम पंचायत और 43 गंगा ग्राम पंचायतों के साथ 2023-24 में 434 ग्राम पंचायतें ओडीएफ प्लस चयनित हैं। इसके तहत ग्राम पंचायतों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र, व्यक्तिगत एवं सामुदायिक खाद के गड्ढे, व्यक्तिगत एवं सामुदायिक नाडेप, सामुदायिक वर्मी कंपोस्ट, प्लास्टिक बैंक, कचरा पात्र तथा तरल अपशिष्ट प्रबंधन के तहत सोक पिट, सिल्ट कैचर, फिल्टर चैंबर, वेस्ट स्टेबलाइजेशन पांड, यू टाइप नाली, भूमिगत नाली, प्लेटफॉर्म मरम्मत, रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, किचन गार्डन आदि काम कराए जाने थे।

चयनित ग्राम पंचायतों में से 254 में कार्य प्रारंभ हो चुका है। मॉडल ग्राम पंचायत एवं गंगा ग्राम पंचायतों की समीक्षा में पाया गया कि धनराशि दिए हुए एक साल से अधिक का समय हो चुका है। लेकिन अभी तक निर्माण पूर्ण नहीं कराए गए। धनराशि भी व्यय नहीं की गई। ऐसे में ग्राम प्रधानों से स्पष्टीकरण मांगा गया और पंचायत सचिवों को नवंबर महीने के वेतन रोका गया।

वेतन रोके गए सचिवों में रामपुर थरियांव, हसवा के सचिव जितेंद्र सिंह, गढ़ा विजयीपुर के सचिव मनीष सोनकर, जाफराबाद मलवा के सचिव राघवेंद्र सिंह, ललौली असोथर के सचिव अनूप सिंह, मोहम्मदपुर गौंती ऐरायां के सचिव राजेश कुमार, सनगांव तेलियानी के सचिव अरविंद कुमार, बैगांव ब्लाक हथगाम के सचिव गुमान सिंह शामिल हैं।



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