किशनपुर। अहमदगंज तिहार पुलिया के पास हुई 3.80 लाख रुपये की लूट का पुलिस ने 48 घंटे में खुलासा कर दिया। घटना का साजिशकर्ता बीसी संचालक का सहयोगी और उसके एक साथी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से साढ़े तीन लाख रुपये, बाइक, चार बैंक पासबुक बरामद हुई हैं। एक आरोपी फरार है।

खागा कोतवाली क्षेत्र के मानू का पुरवा निवासी रितिक त्रिपाठी ने गढ़ा में बीओबी का ग्राहक सेवा केंद्र खोल रखा है और वह बीसी संचालक भी है। 10 नवंबर को रितिक ने अपने सहयोगी मानू का पुरवा निवासी दीपक सोनी को 3.80 लाख रुपये बैंक से लाने के लिए भेजा था। दीपक सोनी नाबालिग भतीजे अभिषेक के साथ बैंक से रुपये लेकर आ रहा था। किशनपुर थानाक्षेत्र में अहमदगंज तिहार पुलिया के पास दीपक से रुपयों से भरा बैग छीनकर बाइक सवार भाग निकले थे।

पुलिस ने रितिक त्रिपाठी की तहरीर पर लूट का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। पुलिस ने सोमवार को दीपक सोनी और अहमदगंज तिहार निवासी सूरज कुमार को गिरफ्तार किया। मानू का पुरवा निवासी मोनू अंडा वाला उर्फ मुशीर खान को फरार घोषित किया। सीओ बृजनारायण राय ने बताया कि साजिशकर्ता दीपक सोनी ने दोस्त के रुपयों को लूटने की पटकथा रची थी। दीपक सोनी की चंदापुर गांव में सराफा की दुकान है। रितिक बैंक से रुपये निकालने के लिए कभी-कभी दीपक को भेजता था।

सीओ के मुताबिक, घटना के बाद की घई पूछताछ में दीपक के बयानों में भिन्नता मिली। पुलिस ने उसे संदिग्ध मानकर हिरासत में लिया। पुलिस के सख्ती दिखाने पर उसने घटना का राज उगल दिया। घटना के बाद मुशीर और सूरज सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हुए थे। सीओ बृजनारायण राय ने बताया कि आरोपियों को जेल भेजा गया है।

घटना के दौरान व्हाट्सएप से जुड़ा था दीपक

लूट की योजना दीपक सोनी ने बड़े शातिर तरीके से बनाई थी। सभी एक-दूसरे से व्हाट्सएप पर कॉल से जुड़े थे, ताकि सर्विलांस टीम को भी कोई सुराग न मिल सके। उसने मोबाइल पर मुशीर और सूरज को बैग छीनने के लिए बुलाया था। उसने साथियों को बड़ी रकम देने का लालच दिया था। लूट में शामिल सूरज शातिर बदमाश है। उसके खिलाफ लूट, चोरी, मारपीट, गैंगस्टर, प्राणघातक हमले का मुकदमे दर्ज हैं। मुशीर खान पर मारपीट के दो मुकदमे हैं। मुशीर वैवाहिक कार्यक्रमों में सजावट का काम करता है।

रितिक का भरोसेमंद था दीपक सोनी

बीसी संचालक रितिक त्रिपाठी व दीपक सोनी मानू का पुरवा के रहने वाले और पड़ोसी हैं। रितिक कई बार पहले दीपक के साथ रुपये निकालने के लिए बैंक जा चुका था। रितिक ने दीपक को कई बार अकेले भी रुपये निकालने के लिए भेजा था, तब कोई गड़बड़ी नहीं हुई थी। रितिक ने बताया कि उसका दीपक पर पूरा भरोसा था।



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