फतेहपुर। जिले में 195 स्कूल में पढ़ रहे हजारों बच्चों का भविष्य एचटी लाइन के खतरे के नीचे गढ़ा जा रहा है। दो साल पहले शासन की ओर से विद्यालयों के ऊपर और अंदर से गुजरी एचटी लाइन हटाने का आदेश आया था लेकिन अब तक काम शुरू नहीं हुआ। शिक्षा विभाग करीब छह बार ऊर्जा निगम को रिमाइंडर भेज चुका है लेकिन निगम ने लाइन हटाने का इस्टीमेट तक नहीं बनाया है। अब शासन से पांच दिसंबर तक ऐसे स्कूलों का ब्योरा मांगने के बाद विभागों में हलचल तेज हो गई है।
जिले में 2122 परिषदीय और प्राथमिक विद्यालय हैं। वर्ष 2021 में शासन ने सभी विद्यालयों के ऊपर से गुजरी हाईटेंशन लाइन को हटाने का आदेश दिया था। शिक्षा विभाग ने सर्वे कर जिले के 195 विद्यालयों को चिह्नित किया था। कई विद्यालय ऐसे हैं जहां करीब 50 साल से बच्चे हाईटेंशन लाइन के नीचे पढ़ रहे हैं।
शिक्षा विभाग ने सभी विद्यालयों के अंदर और ऊपर से गुजरी हाईटेंशन लाइन हटाने के लिए ऊर्जा निगम को पत्र लिखा। पिछले दो साल में करीब छह बार रिमाइंडर भेजा गया। हाल ही में चार अगस्त को फिर से हाईटेंशन लाइन हटाने को लेकर पत्र भेजा गया। लेकिन ऊर्जा निगम ने अब तक लाइन परिवर्तन करने का इस्टीमेट तक नहीं बनाया है। ऊर्जा निगम की लेटलतीफी के चलते रोजाना हजारों बच्चे बिजली के खतरे के नीचे पढ़ाई करने को मजबूर हैं।
इस्टीमेट बनने के बाद हटेगी एचटी लाइन
एचटी लाइन हटाने के लिए ऊर्जा निगम इस्टीमेट बनाकर शिक्षा मुख्यालय के पास भेजेगा। वहां से बजट मिलने के बाद ऊर्जा निगम एचटी लाइन को शिफ्ट कराएगा। इस वर्ष ऊर्जा निगम ने विद्यालय से संबंधित अपने सभी डिवीजन को इस्टीमेट बनाने के निर्देश दिए थे। अब तक डिवीजन स्तर से इस्टीमेट न बनने के कारण प्रकिया लंबित है।
हथगाम ब्लॉक में 23 विद्यालय खतरे की जद में
जिले में सबसे अधिक हथगाम ब्लॉक में 23 विद्यालय खतरे की जद में हैं। जबकि तेलियानी में छह, भिटौरा में 21, हसवा में 20, विजयीपुर में 19 और ऐरायां ब्लॉक में नौ विद्यालय एचटी लाइन के नीचे संचालित हो रहे हैं। इसके अलावा बहुआ ब्लॉक में सात, खजुहा में 19, शहर में 12, बिंदकी में एक, धाता में 16, हथगाम में 23, अमौली में 13, मलवां 19 और असोथर में नौ विद्यालयों के बच्चे खतरे के नीचे शिक्षा पा रहे हैं।
स्कूल के ऊपर से हाईटेंशन तार गुजरने की अभी जानकारी नहीं है। बाद में बात करूंगा।
– प्रमोद अग्निहोत्री, अधीक्षण अभियंता, ऊर्जा निगम फतेहपुर।
