यूपी के सीतापुर जिले के अटरिया के गढ़ी रावा निवासी फतेहउद्दीन हिंदू धर्म अपनाने के चार दिन बाद ही बैकफुट पर आ गए। बृहस्पतिवार को सोशल मीडिया पर उन्होंने एक वीडियो जारी कर एसपी सीतापुर व हिंदूवादी संगठन के नेता पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दबाव में आकर हिंदू धर्म अपनाने की बात कही। बता दें कि फतेहउद्दीन पर लखनऊ व सीतापुर में 10 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसमें पॉक्सो एक्ट, धोखाधड़ी, दहेज प्रताड़ना संग अन्य आपराधिक मामले शामिल हैं।
फतेहउद्दीन ने 16 दिसंबर को हिंदू धर्म अपनाया था। उन्होंने अपना नाम बदलकर फतेह बहादुर रख लिया था। उनका कहा था कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार से आहत होकर धर्म बदला है। इस संबंध में उन्होंने जिलाधिकारी कार्यालय में एक शपथपत्र भी जमा कराया था। वहीं, वीडियो जारी कर हिंदू धर्म खुशी-खुशी अपनाने की बात कही थी।
एडीजी जोन के पीआरओ से फोन कराया था
अब फतेहउद्दीन ने वीडियो में आरोप लगाया है कि एसपी सीतापुर को एक मामले में 14 दिसंबर को एडीजी जोन के पीआरओ से फोन कराया था। इसके बाद वह 16 दिसंबर को सुबह साढ़े दस बजे एसपी से मिलने गए। आरोप लगाया कि जब उसी दिन दोपहर 12 बजे एसपी कार्यालय पहुंचे तो उनके कार्यालय में चार सीओ, तीन दरोगा, एक सिपाही व पीआरओ मौजूद रहे।
जेल भेजने की धमकी दी गई
आरोप लगाया कि एसपी ने उनका मोबाइल कस्टडी में ले लिया। इसके बाद अवैध असलहे मंगवाकर जेल भेजने की धमकी दी। फतेहउद्दीन ने एसपी पर मारपीट व अन्य कई गंभीर आरोप लगाए। यह भी आरोप लगाया कि इसके बाद हिंदूवादी संगठन के नेता को बुलाकर शहर स्थित एक मकान के एक कमरे में बंद कर दिया।
यह भी आरोप लगाया कि जबरन उनका धर्म परिवर्तन कराया गया। वीडियो में फतेहउद्दीन यह भी कहते नजर आ रहे हैं कि मुंडन के पूर्व उन्होंने एसपी को उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की बात कही थी। इसके बाद भी धर्म परिवर्तन कराया गया।
…तो सुरक्षा चाहते थे फतेहउद्दीन
हिंदूवादी संगठन के नेता विकास हिंदू ने बताया कि फतेहउद्दीन ने स्वेच्छा से हिंदू धर्म अपनाया था। कोई जबरदस्ती नहीं की गई थी। वह सरकारी सुरक्षा दिलाने की बात कह रहे थे। मैंने उन्हें बताया कि यह मेरा काम नहीं है। मैं आपको सरकारी सुरक्षा नहीं दिलवा सकता हूं। बताया कि चूंकि उन पर कई गंभीर आपराधिक मुकदमे हैं तो उन्हें सरकारी सुरक्षा नहीं मिल पा रही थी।
एसपी बोले- सारे आरोप निराधार
एसपी चक्रेश मिश्र ने बताया कि फतेहउद्दीन ने जो आरोप लगाए हैं, वे सब निराधार हैं। उन्होंने स्वेच्छा से अपना धर्म परिवर्तन किया। इस संबंध में डीएम कार्यालय में शपथपत्र भी दिया।
इन आपराधिक मामलों में आरोपी है फतेहउद्दीन
सूत्रों के मुताबिक फतेहउद्दीन पर वर्ष 2016 में लखनऊ के हसनगंज थाने में जान से मारने की धमकी देने का केस दर्ज हुआ था। इसके बाद 2017 में हसनगंज में दहेज प्रताड़ना, 2019 में मड़ियांव थाने में जान से मारने की धमकी देने व पॉक्सो एक्ट के दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज हुए थे।
इसके बाद वर्ष 2020 में सीतापुर के अटरिया थाने में गाली-गलौज व जान से मारने की धमकी देने, 2021 में लखनऊ के मड़ियांव थाने में दो मुकदमे, 2022 में मड़ियांव में एक मुकदमा व 2023 में वजीरगंज थाने में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज है। इसी वजह से उन्हें सरकारी सुरक्षा मिलने में दिक्कत आ रही थी।