Fear of looting in the Red Sea, foreign buyers stopped orders worth Rs 100 crore, experts said exports will be

सांकेतिक तस्वीर
– फोटो : सोशल मीडिया

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कानपुर में रूस-यूक्रेन के बाद इस्राइल-हमास युद्ध और अब यमन के उग्रवादियों की ओर से लाल सागर समुद्र मार्ग में जहाजों पर हमले ने शहर के कारोबारियों की परेशानी बढ़ा दी है। लाल सागर में माल लुटने के डर से विदेशी खरीदारों ने करीब 100 करोड़ के आर्डर रोक दिए हैं। शिपिंग कंपनियों ने भी बीमा कवर देने से मना कर दिया है। वहीं, यूरोप में माल ले जाने का मार्ग बदलने के बाद भाड़ा भी 30-35 प्रतिशत बढ़ गया है। इससे उत्पादों की लागत बढ़ गई है।

शहर से अमेरिका के बाद यूरोप में भी बड़े पैमाने पर चमड़ा, इससे बने उत्पाद, इंजीनियरिंग, प्लास्टिक, रेडमीट, किचन मसाला निर्यात किया जाता है। यूरोपीय यूनियन में 27 देश शामिल हैं। इन अलग-अलग देशों में लाल सागर जल मार्ग से माल पहुंचाया जाता है। दरअसल, बाब-अल-मंडेब जलडमरूमध्य, जो लाल सागर और स्वेज नहर के माध्यम से भूमध्य सागर को अरब सागर से जोड़ता है। वैश्विक कंटेनर यातायात के 30 प्रतिशत के लिए महत्वपूर्ण है।



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